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सीएनजी-पेट्रोल वाहनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, कैब के तौर पर हो सकते हैं पंजीकृत
Sat, 03 Aug 2019 06:24 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 03 Aug 2019 06:24 PM IST
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फाइल फोटो
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीएनजी और पेट्रोल से चलने वाले वाहन दिल्ली परिवहन विभाग के साथ ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के साथ कैब के तौर पर पंजीकृत हो सकते हैं, जो दिल्ली-एनसीआर में लागू होगा।
जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच ने 10 मई, 2016 के आदेश को स्पष्ट किया, जिसे लेकर भ्रम था कि परिवहन विभाग सीएनजी और पेट्रोल से चलने वाहनों को कैब के तौर पर पंजीकृत नहीं कर रहा है।
दिल्ली में ऑटो रिक्शा की संख्या पर लागू सीमा हटाने के पक्ष में सरकार
दिल्ली सरकार ने राजधानी में ऑटो रिक्शा को लेकर लागू अधिकतम सीमा हटाने के पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम व नियंत्रण) प्राधिकरण के सुझाव का समर्थन किया है। दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी।
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जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ के समक्ष सरकार ने बताया कि वह ईपीसीए की उस रिपोर्ट का समर्थन करती है, जिसमें दिल्ली में ऑटो की मौजूदा संख्या एक लाख को हटाया जा सकता है, बशर्ते वाहन बीएस-6 सीएनजी/ पेट्रोल/ एलपीजी या बैटरी से संचालित हों। परिवहन विभाग ने बताया कि वह इस मामले में 13 अगस्त को हलफनामा दायर करेगा।
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जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच ने 10 मई, 2016 के आदेश को स्पष्ट किया, जिसे लेकर भ्रम था कि परिवहन विभाग सीएनजी और पेट्रोल से चलने वाहनों को कैब के तौर पर पंजीकृत नहीं कर रहा है।
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दिल्ली में ऑटो रिक्शा की संख्या पर लागू सीमा हटाने के पक्ष में सरकार
दिल्ली सरकार ने राजधानी में ऑटो रिक्शा को लेकर लागू अधिकतम सीमा हटाने के पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम व नियंत्रण) प्राधिकरण के सुझाव का समर्थन किया है। दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी।
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जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ के समक्ष सरकार ने बताया कि वह ईपीसीए की उस रिपोर्ट का समर्थन करती है, जिसमें दिल्ली में ऑटो की मौजूदा संख्या एक लाख को हटाया जा सकता है, बशर्ते वाहन बीएस-6 सीएनजी/ पेट्रोल/ एलपीजी या बैटरी से संचालित हों। परिवहन विभाग ने बताया कि वह इस मामले में 13 अगस्त को हलफनामा दायर करेगा।
शीर्ष अदालत बजाज ऑटो की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में ऑटो-रिक्शा की संख्या को लेकर लागू अधिकतम सीमा को हटाने का अनुरोध किया गया था।
ईपीसीए ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि दिल्ली और एनसीआर के कई जिलों में सीएनजी आसानी से उपलब्ध है, लिहाजा बीएस-6 सीएनजी वाहनों का रजिस्ट्रेशन शुरू किया जाना चाहिए। साथ ही रजिस्ट्रेशन पर लगी रोक भी हटानी चाहिए।
ईपीसीए ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि दिल्ली और एनसीआर के कई जिलों में सीएनजी आसानी से उपलब्ध है, लिहाजा बीएस-6 सीएनजी वाहनों का रजिस्ट्रेशन शुरू किया जाना चाहिए। साथ ही रजिस्ट्रेशन पर लगी रोक भी हटानी चाहिए।