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डीजल SUV के रजिस्ट्रेशन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

Wed, 16 Dec 2015 11:13 AM IST
Updated Wed, 16 Dec 2015 11:13 AM IST
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Supreme Court in favor of ban on SUVs and luxury vehicles registration

खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके दिल्ली के प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने किसी तरह का समझौता करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि लोगों की जान से बड़ी कोई चीज नहीं है।

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दिल्ली में वायु प्रदूषण से चिंतित सुप्रीम कोर्ट डीजल से चलने वाली 2000 से अधिक सीसी की स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल्स(एसयूवी) और लग्जरी कारों के पंजीकरण पर तत्काल प्रभाव से पूरे दिल्ली-एनसीआर में रोक लगा दिया है।

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शीर्ष अदालत इस पक्ष में भी है कि राजधानी में चलने वाली तमाम टैक्सियां सीएनजी पर चलनी चाहिए। आज सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में अपना फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने डीजल वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर 31 मार्ट 2016 तक की रोक लगाई है।
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कार डीलरों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई

Supreme Court in favor of ban on SUVs and luxury vehicles registration

चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ दिल्ली में दाखिल होने वाले व्यावसायिक वाहनों पर लगाने वाले पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क को दोगुना बढ़ाने की पक्षधर है।

कोर्ट ने वर्ष 2005 के बाद के रजिस्ट्रेशन वाले ट्रकों को ही दिल्ली में दाखिल होने की अनुमति दी है। यानी दस साल पुरानी डीजल गाड़ियां अब दिल्ली की सड़कों पर नहीं चलेंगी। सुनवाई के दौरान पीठ ने यह भी कहा कि अमीर आदमी महंगी डीजल गाड़ियों में सफर करते हैं जबकि वे पेट्रोल गाड़ियां वहन कर सकते हैं।

छह जनवरी तक डीजल वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर एनजीटी द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ कार डीलरों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई। पीठ ने कहा कि प्रदूषण के कारण यहां लोगों की जान पर बन आई है और आपको कारों की बिक्री और पैसे कमाने की चिंता है।

इससे प्रदूषण पर लगाम लगेगा, तो आप कीजिए

Supreme Court in favor of ban on SUVs and luxury vehicles registration

वहीं दिल्ली सरकार के सम-विषम फार्मूले पर मंगलवार को सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि उसे नहीं पता यह कितना कारगर होगा। पीठ ने दिल्ली सरकार से कहा कि अगर आपको लगता है कि इससे प्रदूषण पर लगाम लगेगा, तो आप कीजिए। आपको किसने रोका है।


चीफ जस्टिस ने कहा कि आप इसे लागू करेंगे तो हम और हमारे साथी जज भी इसका पालन करेंगे। पीठ ने दिल्ली सरकार से साफ कहा कि वह इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोलने जा रहे हैं।

इस पर अमाइकस क्यूरी व वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने भी कहा कि वह भी सुप्रीम कोर्ट में पैदल आ जाएंगे।

हजारों लोगों की आजीविका को खतरा है

Supreme Court in favor of ban on SUVs and luxury vehicles registration

वहीं ऑटो पार्ट्स एसोसिएशन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि इस तरह के निर्णय से हजारों लोगों की आजीविका को खतरा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के लिए सिर्फ डीजल कार ही जिम्मेदार नहीं है।

उन लोगों का क्या जो 10-10 गाड़ियां रखते हैं। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने बताया कि पिछले दिनों राज्यसभा सांसद व वरिष्ठ वकील के टीएस तुलसी के पत्र लिखा था कि वह साइकिल से सुप्रीम कोर्ट आना चाहते हैं, लिहाजा पार्किंग की व्यवस्था की जाए।

चीफ जस्टिस ने बताया कि उन्होंने रजिस्ट्रार को साइकिल पार्किंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।

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