प्रदर्शनकारियों ने वार्ताकारों से कहा- पुलिस दे लिखित भरोसा तो खुल सकता है एक ओर का रास्ता
- सुरक्षा मिले तो खुल सकता है एक ओर का रास्ता
- इसके बाद ही करेंगी रणनीति का खुलासा, पुरुषों को किया गया था बाहर
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शाहीन बाग का रास्ता खुलवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त वार्ताकारों को तीसरे दिन भी प्रदर्शनकारियों से जद्दोजहद करनी पड़ी। पुरुषों को बाहर कर केवल महिला प्रदर्शनकारियों से वार्ता में उन्होंने कहा कि आप लोग यातायात सामान्य करने के लिए कम से कम एक तरफ का रास्ता खाली कर दें।
किसी भी खतरे की स्थिति में पुलिस आपको पूरी सुरक्षा देगी। जवाब में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर भरोसा न होने की बात कही। उनके सामने शाहीन बाग के एसएचओ ने चाक-चौबंध सुरक्षा का आश्वासन दिया, पर वे पुलिस के दावों को खोखला बताते रहे।
प्रदर्शनकारियों ने वार्ताकार संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन के सामने पुलिस से सुरक्षा का लिखित भरोसा देने को कहा। उन्होंने इसके बाद ही आगे की रणनीति का खुलासा करने की बात कही है।
वार्ताकार संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन शुक्रवार देर शाम शाहीन बाग के प्रदर्शन स्थल पहुंचे। यहां साधना ने सबसे पहले पुरुष प्रदर्शनकारियों को मंच से बाहर जाने को कहा। उन्होंने केवल महिलाओं से वार्ता की बात कही। पुरुषों के जाने के बाद महिलाएं दो पंक्तियां बनाकर बैठ गईं। इसके बाद दोनों वार्ताकार मंच से उतरकर प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंच गए।
प्रदर्शनकारी रास्ता खाली न करने पर अड़े रहे। वार्ताकार साधना ने कहा कि यहां इतने चेहरे हैं और हर कोई नेता नजर आता है। प्रदर्शनकारियों से कहा गया कि वे दूसरों की परेशानी भी समझें और कम से कम एक तरफ का ही रास्ता चालू होने दें। एक तरफ का रास्ता खाली करने की बात पर प्रदर्शनकारियों ने जामिया का हवाला देते हुए खुद को खतरा होने की बात कही।
वार्ताकारों ने मौके पर मौजूद शाहीन बाग के एसएचओ विजय पाल से पूछा तो उन्होंने पूरी सुरक्षा देने का आश्वासन दिया। पुलिस के इन दावों पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से सुरक्षा की बात लिखित में मांगी। एसएचओ ने आला अधिकारियों से बातचीत कर आगे का निर्णय लेने की बात कही।
24 घंटे में खुल सकता है नोएडा की ओर का रास्ता
प्रदर्शनकारियों ने वार्ताकारों से नोएडा की ओर से आने वाले रास्ते को बिना वजह बंद करने की शिकायत की। इस पर वार्ताकारों ने पुलिस से पूछा कि महामाया पुल के पास बैरिकेड लगाकर रास्ते को क्यों बंद किया गया है।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बंद किया गया था तो शुक्रवार को पुलिस ने रास्ते को सुबह दस मिनट के लिए क्यों खोला था? इन सवालों के बाद पुलिस भी वार्ताकारों के सामने प्रदर्शनकारियों को जवाब नहीं दे पाई। माना जा रहा है कि अगले 24 घंटे के भीतर नोएडा की ओर का रास्ता खोल दिया जाएगा। इस संबंध में वार्ताकार शनिवार को दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से भी बातचीत कर सकते हैं।