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Delhi NCR News: सुपरटेक होमबायर्स की मांग, टेंडर नहीं अब जमीन पर दिखे निर्माण
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सालों से अपने घर का इंतजार कर रहे सुपरटेक के हजारों होमबायर्स की चिंता एनबीसीसी की टेंडर प्रक्रिया के बावजूद कम नहीं हुई है। खरीदारों का कहना है कि अब उन्हें केवल टेंडर और आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर निर्माण शुरू होने और घर मिलने की स्पष्ट समयसीमा चाहिए। इसी को लेकर होमबायर्स की अपेक्स कमेटी ने तीन प्रमुख मांगें उठाई हैं।
नेफोवा अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि पहली मांग अदालत के आदेशों का सख्ती से पालन करने की है। दूसरी, एनबीसीसी सभी अटकी परियोजनाओं में जल्द से जल्द निर्माण शुरू करे। तीसरी, जिन परियोजनाओं में फ्लैट तैयार हैं, वहां लंबित रजिस्ट्री की प्रक्रिया तत्काल शुरू कराई जाए। होमबायर्स का कहना है कि 12 से 36 महीने की व्यापक समयसीमा से उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं होती। प्रत्येक परियोजना के लिए अलग पूर्णता तिथि, चरणबद्ध निर्माण रोडमैप और जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। एनसीएलएटी ने भी 16 परियोजनाओं की परियोजना-वार संभावित पूर्णता तिथि और उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का ब्योरा मांगा है। प्रभावी निर्माण के लिए स्पष्ट बीओक्यू, स्वीकृत ड्रॉइंग और जरूरी तकनीकी जानकारी उपलब्ध होना आवश्यक है। खरीदारों की मांग है कि टेंडर प्रक्रिया के साथ निर्माण भी तेजी से जमीन पर शुरू हो।
6 नवंबर की सुनवाई अहम :
मामले में एनसीएलएटी की अगली सुनवाई 6 नवंबर 2026 को होगी। इस दौरान परियोजना-वार रिपोर्ट सामने आने की उम्मीद है। होमबायर्स की नजर अब इस बात पर है कि प्रत्येक परियोजना के लिए निर्माण और कब्जे की कितनी स्पष्ट समयसीमा तय होती है। खरीदारों का कहना है कि वर्षों के इंतजार के बाद अब उन्हें तारीख, निर्माण और रजिस्ट्री पर ठोस कार्रवाई चाहिए।
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ग्रेटर नोएडा। सालों से अपने घर का इंतजार कर रहे सुपरटेक के हजारों होमबायर्स की चिंता एनबीसीसी की टेंडर प्रक्रिया के बावजूद कम नहीं हुई है। खरीदारों का कहना है कि अब उन्हें केवल टेंडर और आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर निर्माण शुरू होने और घर मिलने की स्पष्ट समयसीमा चाहिए। इसी को लेकर होमबायर्स की अपेक्स कमेटी ने तीन प्रमुख मांगें उठाई हैं।
नेफोवा अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि पहली मांग अदालत के आदेशों का सख्ती से पालन करने की है। दूसरी, एनबीसीसी सभी अटकी परियोजनाओं में जल्द से जल्द निर्माण शुरू करे। तीसरी, जिन परियोजनाओं में फ्लैट तैयार हैं, वहां लंबित रजिस्ट्री की प्रक्रिया तत्काल शुरू कराई जाए। होमबायर्स का कहना है कि 12 से 36 महीने की व्यापक समयसीमा से उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं होती। प्रत्येक परियोजना के लिए अलग पूर्णता तिथि, चरणबद्ध निर्माण रोडमैप और जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। एनसीएलएटी ने भी 16 परियोजनाओं की परियोजना-वार संभावित पूर्णता तिथि और उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का ब्योरा मांगा है। प्रभावी निर्माण के लिए स्पष्ट बीओक्यू, स्वीकृत ड्रॉइंग और जरूरी तकनीकी जानकारी उपलब्ध होना आवश्यक है। खरीदारों की मांग है कि टेंडर प्रक्रिया के साथ निर्माण भी तेजी से जमीन पर शुरू हो।
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6 नवंबर की सुनवाई अहम :
मामले में एनसीएलएटी की अगली सुनवाई 6 नवंबर 2026 को होगी। इस दौरान परियोजना-वार रिपोर्ट सामने आने की उम्मीद है। होमबायर्स की नजर अब इस बात पर है कि प्रत्येक परियोजना के लिए निर्माण और कब्जे की कितनी स्पष्ट समयसीमा तय होती है। खरीदारों का कहना है कि वर्षों के इंतजार के बाद अब उन्हें तारीख, निर्माण और रजिस्ट्री पर ठोस कार्रवाई चाहिए।
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