फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   sultanpur national park will look at internationally

सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान बनेगा दुनिया के लिए नजीर

Wed, 03 Feb 2016 07:08 PM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Wed, 03 Feb 2016 07:08 PM IST
विज्ञापन
sultanpur national park will look at internationally

आबादी के बीच बसा सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान प्रवासी पक्षियों की जिंदगी संवारने और उनके लिए माकूल बंदोबस्त करने में दुनिया के लिए नजीर बनेगा।

विज्ञापन


दक्षिण-पश्चिम एशियाई देशों के पर्यावरणविद और जलवायु परिवर्तन व जैव विविधता मंत्रालय यहां आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए किए जाने वाले इंतजाम और उपयुक्त माहौल को लेकर शोध करेंगे।
विज्ञापन


इसके लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय मदद करेगा। इस बाबत हाल ही में दिल्ली स्थित मंत्रालय में चार दिवसीय कार्यशाला का भी आयोजन किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल, दिल्ली से सटे गुड़गांव स्थित सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान भी जैव विविधता का प्रमुख केंद्र है। राष्ट्रीय पक्षी उद्यान में हर साल करीब 20 हजार प्रवासी पक्षी हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर यहां पहुंचते हैं।

कौन-कौन से पक्षी यहां  पहुंचते हैं, कैसे उनके लिए यहां का माहौल उपयुक्त है और यहां तक पहुंचने में किस तरह की बाधाओं का पक्षियों को सामना करना पड़ता है।

यह यहां आने वाले प्रवासी पक्षी दूसरे देशों के लोगों के लिए कौतूहल का विषय है। यह जानने के लिए श्रीलंका, बांग्लादेश, तजाकिस्तान, किर्गिस्तान समेत 19 देशों के प्रतिनिधि ने हाल में यहां का दौरा भी किया था।
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इन देशों से आने वाले विशेषज्ञों को वन आरक्षित क्षेत्र, वन अधिनियम और उसकी जटिलताएं और वन क्षेत्र बढ़ाने को लेकर उठाए गए कदमों के बारे में बताया जाएगा। पक्षियों की प्रजातियों के प्रजनन और उनके रहने के तरीके, एक प्रजाति द्वारा 24 पारिस्थितिकी तंत्र को नियंत्रित करने के बीच का चक्र, पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने के लिए क्षेत्र के बारे में शोध करेंगे। बता दें कि पूरी दुनिया में जमीन का 31 फीसदी भूमि वन क्षेत्र है, जबकि 2015 के आंकड़े के मुताबिक भारत में 24.01 फीसदी है, जो एशियाई देशों के मुकाबले चार फीसदी अधिक है। वहीं, हरियाणा में 6.49 फीसदी वन क्षेत्र है। हालांकि हरियाणा सरकार ने इसे अगले पांच साल में बढ़ाकर दस फीसदी करने का लक्ष्य रखा है।

---------

उड़ान की बाधाओं पर रहेगी खास नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रवासी पक्षियों की उड़ान बाधाओं से मुक्त नहीं होती, खासकर मनुष्यों द्वारा बनाई गई बाधाओं से। ये पक्षी इन बाधाओं से बचते कैसे हैं, यह शोध का विषय है। समूह में उड़ान भरने वाले इन पक्षियों की सामाजिक संरचना, बाधाओं से उबरने और उड़ान के दौरान पक्षियों का नेतृत्व कैसे होता है, इसे लेकर अध्ययन किया जाएगा।
----------------

सुल्तानपुर में मौजूद 100 से अधिक पक्षियों की प्रजाति है। जैव विविधता को लेकर मंत्रालय ने एशियाई देशों के साथ मिलकर एक करार किया है, जिसके तहत वे राष्ट्रीय पक्षी उद्यान और एनसीआर के दूसरे वन आरक्षित क्षेत्र पर शोध करेंगे।
 -हेम कुमार पांडेय, विशेष सचिव, पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed