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सुनंदा पुष्कर सुसाइड केस: सुब्रमण्यम स्वामी बोले- 'दिल्ली पुलिस ने की थी साक्ष्यों से छेड़छाड़'
Sat, 30 Mar 2019 07:17 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 30 Mar 2019 07:17 AM IST
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फाइल फोटो
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भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुनंदा पुष्कर मौत मामले में एक बार फिर दिल्ली पुलिस पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। स्वामी ने नए सिरे से आवेदन दायर कर इस मामले में अभियोजन की सहायता करने की अनुमति मांगी है। इस आवेदन का शशि थरूर व दिल्ली पुलिस के वकील ने विरोध किया है।
दिल्ली पुलिस ने मामले की करीब चार साल चली जांच के बाद 14 मई 2018 को शशि थरूर के खिलाफ तीन हजार पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया था। पटियाला हाउस अदालत के विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज के समक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली पुलिस के विजिलेंस विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए एक बार फिर कहा कि दिल्ली पुलिस ने केस के साक्ष्यों से छेड़छाड़ की थी।
वह इस मामले में कोर्ट व अभियोजन की सहायता करना चाहते हैं, उन्हें इसकी अनुमति दी जाए। अदालत ने स्वामी के आवेदन पर दिल्ली पुलिस व शशि थरूर से 26 अप्रैल तक जवाब मांगा है। इससे पहले भी स्वामी ने यह आवेदन दायर किया था, जिसे लंबी सुनवाई के बाद एसीएमएम समर विशाल ने रद्द कर दिया था।
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दिल्ली पुलिस ने मामले की करीब चार साल चली जांच के बाद 14 मई 2018 को शशि थरूर के खिलाफ तीन हजार पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया था। पटियाला हाउस अदालत के विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज के समक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली पुलिस के विजिलेंस विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए एक बार फिर कहा कि दिल्ली पुलिस ने केस के साक्ष्यों से छेड़छाड़ की थी।
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वह इस मामले में कोर्ट व अभियोजन की सहायता करना चाहते हैं, उन्हें इसकी अनुमति दी जाए। अदालत ने स्वामी के आवेदन पर दिल्ली पुलिस व शशि थरूर से 26 अप्रैल तक जवाब मांगा है। इससे पहले भी स्वामी ने यह आवेदन दायर किया था, जिसे लंबी सुनवाई के बाद एसीएमएम समर विशाल ने रद्द कर दिया था।
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कोर्ट के समक्ष स्वामी के आवेदन पर शशि थरूर के वकील विकास पाहवा ने कहा कि इस मामले में स्वामी को आवेदन दायर करने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि वह न शिकायतकर्ता हैं और न ही पीड़ित हैं।
उनका आवेदन पहले भी एक बार खारिज हो चुका है। कोर्ट के समक्ष स्वामी ने कहा कि उन्हें इस मामले में दखल देने का पूरा अधिकार है क्योंकि उन्होंने इस मुद्दे को सबसे पहले उठाया था और उनकी याचिका पर सुनवाई के बाद ही इस मामले में जांच हो पाई थी।
सुनंदा की मौत 17 जनवरी 2014 को होटल लीला के कमरे में हुई थी लेकिन पुलिस ने इसके एक साल बाद 2015 में हत्या व अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। जांच के बाद खुदकुशी के लिए उकसाने व क्रूरता की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई थी।
उनका आवेदन पहले भी एक बार खारिज हो चुका है। कोर्ट के समक्ष स्वामी ने कहा कि उन्हें इस मामले में दखल देने का पूरा अधिकार है क्योंकि उन्होंने इस मुद्दे को सबसे पहले उठाया था और उनकी याचिका पर सुनवाई के बाद ही इस मामले में जांच हो पाई थी।
सुनंदा की मौत 17 जनवरी 2014 को होटल लीला के कमरे में हुई थी लेकिन पुलिस ने इसके एक साल बाद 2015 में हत्या व अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। जांच के बाद खुदकुशी के लिए उकसाने व क्रूरता की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई थी।