UPSC के खिलाफ प्रदर्शन जारी, मेट्रो स्टेशन खुले
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लगभग 15 दिनों पहले जारी हुए यूपीएससी रिजल्ट को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध-प्रदर्शन लगातार बढ़ता जा रहा है।
शुक्रवार को एक बार फिर हजारों की संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए। छात्रों की इतनी भीड़ देखकर दिल्ली पुलिस के भी हाथ पांव फूल गए। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले ये छात्र प्रधानमंत्री से मिलने जा रहे थे लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोक लिया गया। इसके चलते चार मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए थे।
यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र सीसैट और अंग्रेजी माध्यम से ज्यादा छात्रों के सेलेक्शन का विरोध कर रहे हैं। बता दें कि इस बार सिविल सेवा परीक्षा में हिंदी माध्यम से सिर्फ 26 छात्रों का सेलेक्शन हुआ है।
कई छात्र-छात्राएं अचेत
छात्रों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बंद किए चारों मेट्रो स्टेशन दोपहर 1:12 बजे फिर से खोल दिए गए।
यूपीएससी सिलेबस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्र हर हाल में प्रधानमंत्री से मिलने पर अड़े हैं। राजघाट पर जमा हुए लगभग 10 हजार छात्रों ने पीएम से मिलने के लिए एक बार फिर 7 रेसकोर्स की ओर कूच किया है।
बता दें कि कड़ी धूप में प्रदर्शन कर रहे कई छात्र-छात्राएं अचेत होकर गिर पड़े। जिन्हें एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया है। प्रदर्शनकारी छात्र पीएम नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
सिलेबस बदलने की मांग
सिविल सेवा परीक्षा में हिंदी माध्यम से इतने कम छात्रों का सेलेक्शन होने से नाराज छात्रों ने सिलेबस बदलने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार छात्रों के विरोध के चलते पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन और रेसकोर्स मेट्रो स्टेशनों को आम जनता के लिए बंद कर दिया था। इंटरचेंज की सुविधा केंद्रीय सचिवालय स्टेशन पर उपलब्ध थी।
पीएम से न मिल पाने से नाराज छात्र फिलहाल राजघाट पर जमा हो गए हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्र अंचल सिंह ने बताया कि सीसैट के जरिए पूरी तरह अंग्रेजी माध्यम पर जोर दिया जा रहा है। इससे अन्य माध्यमों से परीक्षा देने वाले छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है। इसी मुद्दे को लेकर लगभग एक हफ्ते पहले भी छात्रों ने रेसकोर्स मेट्रो स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया था। उस दिन भी छात्र पीएम से मिलने की जिद पर अड़े थे लेकिन उन्हें नहीं मिलने दिया गया।