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एस-400 से मिली प्रेरणा: नोएडा में छात्र बना रहे अत्याधुनिक अल्ट्रासोनिक रडार, ध्वनि तरंगों से करेगा निगरानी
Sat, 28 Jun 2025 08:50 PM IST
श्याम जी.
ऋषभ कौशल, अमर उजाला, नोएडा
ऋषभ कौशल, अमर उजाला, नोएडा
Published by: श्याम जी.
Updated Sat, 28 Jun 2025 08:50 PM IST
सार
नोएडा के जेएसएस कॉलेज के छात्रों ने ऑपरेशन सिंदूर में एस-400 की सफलता से प्रेरित होकर अल्ट्रासोनिक रडार सिस्टम का प्रोटोटाइप तैयार कर रहे हैं। यह ध्वनि तरंगों का उपयोग कर दो किलोमीटर तक आकाशीय गतिविधियों और जीवों की पहचान कर सकता है।
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अल्ट्रासोनिक रडार सिस्टम प्रोटोटाइप
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नोएडा के छात्र अब रक्षा क्षेत्र में भारत को मजबूत बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर उपकरण तैयार कर रहे हैं। वह अल्ट्रासोनिक रडार सिस्टम को और अत्याधुनिक बनाने पर कार्य कर रहे हैं। छात्रों ने बताया कि उन्हें हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर में सबसे अधिक चर्चा में आए एस-400 से प्रेरित होकर इस पर कार्य शुरू किया।
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शहर के सेक्टर 62 स्थित जेएसएस कॉलेज के छात्र अनुराग दुबे, पायल, अथर्व गुप्ता, कुशाग्र गौतम, हिया भट्ट और दिव्यम बंसल इस कार्य में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अल्ट्रासोनिक रडार सिस्टम तैयार किया है। यह अभी एक प्रोटोटाइप है, जिसमें उन्होंने आर्ड्यूनों, एचसी एसआर-4, समेत अल्ट्रासोनिक सेंसर और हाई कैपिसिटी मोटर लगाई है। इसके साथ ही सॉफ्टवेयर टूल्स में आर्ड्यूनों आईडीई, अल्ट्रासोनिक प्रोसेसर समेत अन्य टूल्स का उपयोग किया गया है।
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उपयोग किए गए अल्ट्रासोनिक सेंसर के चलते रडार अपने आस पास के लगभग दो किलोमीटर तक आकाश में चल रही गतिविधियों को डिटेक्ट कर सकते हैं। छात्रों का कहना है कि पारंपरिक तौर पर रेडियो तरंगों का उपयोग किया जाता है, लेकिन उन्होंने रेडियो तरंगो के बजाय ध्वनि तरंगो का प्रयोग किया। उनका कहना है ध्वनि तरंग प्रवाहित करने वाले सेंसर इस प्रोजेक्ट को ज्यादा सरल बनाते हैं। इसमें लगाई गई सर्वो मोटर 180 डिग्री तक ऊपर की ओर घूमती है। तरंग प्रसार बुनियादी भौतिकी का उपयोग कर वस्तु की दूरी की गणना भी कर सकते हैं।
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ऑपरेशन सिंदूर से मिली प्रेरणा
छात्रों के समूह ने बताया कि हाल ही में भारत पाकिस्तान के बीच हुए ड्रोन हमले में देखा गया कि भारत के पास रूस और भारत की तकनीक से लैस एस-400 डिफेंस सिस्टम ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पाकिस्तान से भेजे गए कई ऐसे ड्रोन थे, जो प्रमुख स्थानों पर भी गिराए जाने के प्रयास किए गए, जिसे एस-400 ने बड़ी ही आसानी से मार गिराए। इसकी चर्चा पूरे देश ही नहीं विदेशों से लेकर सोशल मीडिया तक में इसकी खूब चर्चा वायरल हुई थी। इसी से प्रेरित होकर अब रक्षा क्षेत्र में मजबूत डिफेंस सिस्टम को तैयार करने करने और भारत का सहयोग देने के उद्देश्य से छात्र इसे तैयार कर रहे हैं।
आकाश में सिर्फ वस्तु ही नहीं, जीवों की भी हो पहचान
छात्रों ने बताया कि उनके द्वारा तैयार किए गए अल्ट्रासोनिक रडार सिस्टम में वह ऐसी तकनीकों का उपयोग करने जा रहे हैं, जिनके माध्यम से सिर्फ आकाश में मौजूद वस्तु ही नहीं, बल्कि कौन सा व्यक्ति या कोई जीव आकाश में मौजूद है, इसकी भी पहचान हो सकेगी। इसके लिए वह तकनीक को विकसित कर रहे हैं। हालांकि कुछ कारणों के चलते यह सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है कि किन सेंसर या तकनीक का इसमें उपयोग किया जाएगा, लेकिन जल्द ही इसे भी तैयार कर लिया जाएगा।