UP: हॉस्टल कैंटीन में मांस मिलने पर छात्रों का हंगामा, बोले- टब में रखा था मीट; खाद्य विभाग ने शुरू की जांच
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित सनराइज हॉस्टल की कैंटीन में मांस मिलने पर छात्रों ने हंगामा किया। पशु चिकित्सा विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम हॉस्टल की कैंटीन में जांच के लिए पहुंची। टीम ने जांच के लिए खाद्य मसाले का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा है।
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नॉलेज पार्क स्थित सनराइज हॉस्टल की कैंटीन में एक बड़े टब में मांस मिलने पर छात्रों ने गुरुवार रात जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने छात्रों को शांत कराया। शुक्रवार को पशु चिकित्सा विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम हॉस्टल की कैंटीन में जांच के लिए पहुंची। टीम ने जांच के लिए खाद्य मसाले का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा है। आरोप है कि टीम के आने से पहले ही कैंटीन में काम करने वाले लोगों ने मांस को नाले में फेंककर बहा दिया। वहीं, सफाई को लेकर कैंटीन के संचालक को नोटिस जारी किया है।
कटोरे में मांस रखा मिला
सनराइज हॉस्टल में 100 से अधिक छात्र रहते हैं। आरोप है कि हॉस्टल की कैंटीन में एक टब में मांस था। इसके बाद छात्रों ने हॉस्टल की कैंटीन में पहुंचकर हंगामा किया। आरोप है कि हॉस्टल में शनिवार और रविवार को छोड़कर अन्य दिनों में शाकाहारी खाना परोसा जाता है, लेकिन कैंटीन में गुरुवार को मांस रखा मिला। छात्रों ने कैंटीन में काम करने वाले लोगों से बहसबाजी शुरू कर दी। इसके बाद कई छात्रों ने वीडियो बनाकर इसे सोशल मीडिया पर डाल दिया।
संबंधित मांस का नमूना नहीं लिया जा सका
पशु चिकित्सक आशीष अशोक का कहना है कि सूचना पर हॉस्टल पहुंचे थे, लेकिन मौके पर संबंधित मांस का नमूना नहीं लिया जा सका। वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी सर्वेश मिश्रा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी सय्यद इबादुल्ला ने शुक्रवार को हॉस्टल की कैंटीन पहुंचकर यहां से मसाले का नमूना लिया है। इसे जांच के लिए भेजा गया है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सफाई रखने के लिए नोटिस दिया गया
संचालक को कैंटीन में सफाई रखने के लिए नोटिस दिया गया है। कोतवाली प्रभारी विपिन कुमार का कहना है कि प्राथमिक जांच में पता चला है जो मांस मिला है बकरे और मुर्गे का है। कैंटीन में काम करने वाले लोगों को हिरासत में लेकर जांच की जा रही है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
11 बजे के बाद छात्रों को नहीं मिलता प्रवेश
जांच में पता चला है कि हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को नियम के तहत 11 बजे के बाद प्रवेश नहीं दिया जाता है। बाहर निकलने की भी इजाजत नहीं होती है, लेकिन कुछ छात्र नशे के आदि हैं। इस कारण वह शराब, सिगरेट के लिए बाहर निकलना चाहते हैं। इस कारण उनका हॉस्टल के सुरक्षाकर्मियों के साथ यहां करने वालों से विवाद होता है। यही कारण है कि उन्होंने मामले को जानबूझकर तूल दिया है।
पुलिस अब उन छात्रों की तलाश कर रही है, जिन्होंने बेवजह मामले को तूल देकर वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा किया। अफवाह फैलाने वाले लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, समाजवादी छात्र सभा के अध्यक्ष मोहित नागर का कहना है कि हॉस्टल संचालक ने छात्रों के साथ धोखा किया है। मामले की जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।