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Delhi NCR News: पराली का धुआं बढ़ा सकता है हाई ब्लड प्रेशर का खतरा
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एम्स अध्ययन : उत्तर भारत में प्रदूषण का असर अब फेफड़ों के साथ दिल की सेहत पर भी पड़ रहा, 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग ज्यादा प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि पराली जलाने से निकलने वाला धुआं लोगों में हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ा सकता है। शोध में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार के 1.88 लाख से अधिक लोगों के स्वास्थ्य आंकड़ों का विश्लेषण नासा की सैटेलाइट तस्वीरों और मौसम संबंधी पैटर्न के साथ किया गया।
एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर अंबुज रॉय के अनुसार, जिन इलाकों में पराली जलाने की घटनाएं अधिक होती हैं, वहां रहने वाले लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की आशंका सामान्य क्षेत्रों की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत ज्यादा पाई गई। अध्ययन में सिस्टोलिक और डायस्टोलिक दोनों प्रकार के ब्लड प्रेशर में वृद्धि दर्ज की गई, जबकि 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग सबसे अधिक प्रभावित पाए गए।
शोधकर्ताओं ने पाया कि धुएं की दिशा में स्थित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर इसका असर और गंभीर था। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने से दिल का दौरा, स्ट्रोक और किडनी फेल जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
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अध्ययन में पराली जलाने पर सख्त रोक, हैप्पी सीडर जैसी तकनीकों के उपयोग, किसानों को आर्थिक प्रोत्साहन और जागरूकता अभियान बढ़ाने की सिफारिश की गई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि पराली जलाने से निकलने वाला धुआं लोगों में हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ा सकता है। शोध में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार के 1.88 लाख से अधिक लोगों के स्वास्थ्य आंकड़ों का विश्लेषण नासा की सैटेलाइट तस्वीरों और मौसम संबंधी पैटर्न के साथ किया गया।
एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर अंबुज रॉय के अनुसार, जिन इलाकों में पराली जलाने की घटनाएं अधिक होती हैं, वहां रहने वाले लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की आशंका सामान्य क्षेत्रों की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत ज्यादा पाई गई। अध्ययन में सिस्टोलिक और डायस्टोलिक दोनों प्रकार के ब्लड प्रेशर में वृद्धि दर्ज की गई, जबकि 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग सबसे अधिक प्रभावित पाए गए।
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शोधकर्ताओं ने पाया कि धुएं की दिशा में स्थित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर इसका असर और गंभीर था। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने से दिल का दौरा, स्ट्रोक और किडनी फेल जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
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अध्ययन में पराली जलाने पर सख्त रोक, हैप्पी सीडर जैसी तकनीकों के उपयोग, किसानों को आर्थिक प्रोत्साहन और जागरूकता अभियान बढ़ाने की सिफारिश की गई है।