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Delhi NCR News: सात साल बाद सिग्नेचर ब्रिज की होगी स्ट्रक्चरल सेफ्टी जांच
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पीडब्ल्यूडी ने शुरू की पहल, पांच साल के रखरखाव की योजना और लागत का होगा आकलन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी के प्रतिष्ठित सिग्नेचर ब्रिज की संरचनात्मक सुरक्षा और स्थिरता के विस्तृत आकलन के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने विशेषज्ञ कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वे पुल की तकनीकी जांच कर पांच वर्षों के लिए रखरखाव की विस्तृत योजना और लागत का अनुमान तैयार करेंगे। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, सात वर्षों में पुल की व्यापक संरचनात्मक सुरक्षा जांच नहीं कराई गई है। पुल की संरचनात्मक मजबूती का आकलन करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग सहित अन्य तकनीकी परीक्षणों की भी सिफारिश की जाएगी।
पीडब्ल्यूडी ने हाल ही में दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) से ब्रिज के रखरखाव की जिम्मेदारी ली है। प्रारंभिक निरीक्षण में सड़क की सतह में खामियां, साइड रेलिंग के क्षतिग्रस्त हिस्से, खराब स्ट्रीट लाइटें और बंद सीसीटीवी कैमरे जैसी समस्याएं सामने आईं हैं। विभाग ने तकनीकी विशेषज्ञता के लिए आईआईटी दिल्ली और कानपुर की टीमों से भी संपर्क किया है। इनके प्रतिनिधि स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। ऑडिट के बाद रिपोर्ट तैयार होगी।
1518 करोड़ रुपये में बना है सिग्नेचर ब्रिज
यमुना नदी के डाउनस्ट्रीम पर स्थित सिग्नेचर ब्रिज वर्ष 2018 में जनता के लिए खोला गया था। करीब 1,518 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल को दिल्ली का पहला असममित केबल-स्टे ब्रिज माना जाता है। यह वजीराबाद को करावल नगर और भजनपुरा से जोड़ते हुए बाहरी रिंग रोड तथा गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र तक यातायात संपर्क को मजबूत करता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी के प्रतिष्ठित सिग्नेचर ब्रिज की संरचनात्मक सुरक्षा और स्थिरता के विस्तृत आकलन के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने विशेषज्ञ कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वे पुल की तकनीकी जांच कर पांच वर्षों के लिए रखरखाव की विस्तृत योजना और लागत का अनुमान तैयार करेंगे। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, सात वर्षों में पुल की व्यापक संरचनात्मक सुरक्षा जांच नहीं कराई गई है। पुल की संरचनात्मक मजबूती का आकलन करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग सहित अन्य तकनीकी परीक्षणों की भी सिफारिश की जाएगी।
पीडब्ल्यूडी ने हाल ही में दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) से ब्रिज के रखरखाव की जिम्मेदारी ली है। प्रारंभिक निरीक्षण में सड़क की सतह में खामियां, साइड रेलिंग के क्षतिग्रस्त हिस्से, खराब स्ट्रीट लाइटें और बंद सीसीटीवी कैमरे जैसी समस्याएं सामने आईं हैं। विभाग ने तकनीकी विशेषज्ञता के लिए आईआईटी दिल्ली और कानपुर की टीमों से भी संपर्क किया है। इनके प्रतिनिधि स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। ऑडिट के बाद रिपोर्ट तैयार होगी।
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1518 करोड़ रुपये में बना है सिग्नेचर ब्रिज
यमुना नदी के डाउनस्ट्रीम पर स्थित सिग्नेचर ब्रिज वर्ष 2018 में जनता के लिए खोला गया था। करीब 1,518 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल को दिल्ली का पहला असममित केबल-स्टे ब्रिज माना जाता है। यह वजीराबाद को करावल नगर और भजनपुरा से जोड़ते हुए बाहरी रिंग रोड तथा गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र तक यातायात संपर्क को मजबूत करता है।
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