भौंकना ही बेजुबान का अपराध था?: जानवर बने इंसान ने कुत्ते को उतारा मौत के घाट, पढ़ें आरोपी का कबूलनामा
दिल्ली पुलिस ने कुत्ते की हत्या करने के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामला कल्याणपुरी इलाके का है। जहां आरोपी ने चाकू से वार कर कुत्ते को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस के सामने आरोपी ने हत्या करने की वजह भी बताई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। महज भौंकने पर एक सिरफिरे ने बेजुबान कुत्ते का गला रेत दिया। पड़ोसी कुत्ते को पहले नोएडा के एक अस्पताल ले गए, जहां उसकी हालत देखकर उसे आनंद विहार में जानवरों एक दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान बेजुबान ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पड़ोसियों की शिकायत पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपी विजय (35) को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस वीडियो फुटेज और सीसीटीवी के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता पड़ोसी सचिन कुमार (27) ने बताया कि वह परिवार के साथ 14 ब्लॉक त्रिलोकपुरी में रहता है। वह एक मल्टी नेशनल कंपनी में नौकरी करता है। इनकी गली में पिछले चार-पांच साल से एक कुत्ता रहता था। बेहद शांत स्वभाव का होने की वजह से गली के लोगों ने उसका नाम भोला रखा हुआ था। गली के लोग उसे खाने को जो देते चुपचाप खाकर वहीं गली में रहता था। सचिन ने बताया कि 12 मार्च की रात को वह गली में मौजूद था। अचानक उसने एक बच्ची पर भौंकना शुरू कर दिया। यह देखकर बच्ची का चाचा आरोपी विजय अंदर घर से एक बड़ा चाकू लाया। उसने आते ही आरोपी ने भोला के गले पर चाकू का जोरदार वार किया। जिससे उसके गले से खून बहने लगा।
पड़ोसी उसे नोएडा में पशु अस्पताल ले गए, जहां से उसे आनंद विहार रेफर किया गया। अगले दिन कुत्ते ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने एक पड़ोसी की शिकायत पर आरोपी विजय के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने कुत्ते के खुद पर भौंकने की बात की है, जबकि पड़ोसी इससे इनकार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी ने जानबूझकर कुत्ते को मारा है। आरोपी चाहता तो कुत्ते को डरा-धमकाकर भगा सकता था। एक अन्य पड़ोसी ने बताया कि विजय आते-जाते कुत्ते पर हमला करता हुआ जाता था।