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Delhi NCR News: 88 साल के बुजुर्ग का चोरी मोबाइल बना सुराग, अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के नौ ठग गिरफ्तार
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दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का किया खुलासा
88 वर्षीय बुजुर्ग का चोरी हुआ मोबाइल बना सुराग, नौ गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
88 वर्षीय बुजुर्ग के चोरी हुए मोबाइल की जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तीन स्तरों पर सक्रिय अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक नौ साइबर ठगों निखिल सोनी (26), अभिषेक कुमार झा, आनंद साह सोनार, प्रिंस साह सोनार, बिशेक कुमार झा, अमर जाटव, हर्ष, मोहन और वाशु को गिरफ्तार कर चुकी है। मध्य जिला पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि आरोपियों ने मोबाइल चोरी किए। फिर उनसे जुड़े बैंक खातों का इस्तेमाल कर पीड़ितों के खातों से पैसे निकाले और बैंकिंग लेनदेन को अंजाम देने के लिए जयपुर में कॉल सेंटर जैसे ठिकाने से काम किया। यह मामला पश्चिम पटेल नगर निवासी 88 वर्षीय व्यक्ति की शिकायत के बाद सामने आया। उन्होंने 19 मई को अपना मोबाइल चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। दो दिन बाद सिम कार्ड दोबारा जारी कराने के बाद उन्हें बैंक खाते से 70,000 रुपये निकाले जाने के संदेश मिले। इनमें 25-25 हजार रुपये के दो और 20 हजार रुपये का एक अनधिकृत लेनदेन शामिल था।
हर स्तर पर ठगों का अलग-अलग था बंटा हुआ काम : पुलिस उपायुक्त सिंह ने बताया कि पीड़ित ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन पर इसकी शिकायत की, जिसके बाद 23 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच के दौरान पुलिस जयपुर, मेरठ और गाजियाबाद में सक्रिय एक जटिल अंतरराज्यीय नेटवर्क तक पहुंची। गिरोह कई स्तरों पर काम करता था। सड़क स्तर पर काम करने वाले सदस्य मोबाइल चुराते थे, जबकि मेरठ और गाजियाबाद में सक्रिय एक अन्य समूह फर्जी बैंक खाते, डेबिट कार्ड, पीओएस मशीन और सिम कार्ड उपलब्ध कराता था। तीसरा समूह जयपुर से चोरी मोबाइल और बैंकिंग संबंधी जानकारी का इस्तेमाल कर पीड़ितों के खातों तक पहुंचता था, रकम को फर्जी खातों में भेजता था और फिर उसे निकाल लेता था।
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मेरठ और गाजियाबाद से चल रहा था नेटवर्क : पुलिस ने वित्तीय लेनदेन की जांच और डिजिटल निगरानी के जरिए पता लगाया कि फर्जी बैंक खातों की आपूर्ति करने वाला नेटवर्क मेरठ और गाजियाबाद से संचालित हो रहा था, जबकि बैंकिंग लेनदेन जयपुर से किए जा रहे थे। साइबर थाना प्रभारी योगराज दलाल की टीम ने जयपुर के झोटवाड़ा स्थित एक आवासीय परिसर में छापेमारी कर मुख्य संचालक और तकनीकी विशेषज्ञ झोटवाड़ा, जयपुर, राजस्थान निवासी निखिल सोनी (26) को गिरफ्तार किया। उसके साथ चार अन्य आरोपियों जयपुर, राजस्थान निवासी अभिषेक कुमार झा (23), आनंद साह सोनार (26,कॉल-सेंटर ऑपरेटर), प्रिंस साह सोनार (20) और बिशेक कुमार झा को भी पकड़ा गया। उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि छापेमारी में कॉल सेंटर जैसे ठिकाने का पता चला, जहां लैपटॉप, टैबलेट, राउटर, पासबुक और पीड़ितों की जानकारी तथा लेनदेन का ब्योरा रखने वाली डायरियां मिलीं। वहां से चार लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए। इसी दौरान एक अन्य पुलिस टीम ने मेरठ और गाजियाबाद में छापेमारी कर कथित फर्जी बैंक खातों के आपूर्तिकर्ताओं हापुड़ बाईपास मेरठ, यूपी निवासी अमर जाटव (23, म्यूल अकाउंट सप्लायर), सिद्धार्थ विहार, विजय नगर, गाजियाबाद, यूपी हर्ष (23, म्यूल अकाउंट सप्लायर), विजय नगर, गाजियाबाद, यूपी निवासी मोहन (24, म्यूल अकाउंट सप्लायर) और मेरठ, यूपी निवासी वाशु (19, म्यूल अकाउंट सप्लायर) को गिरफ्तार किया। बरामद सामान-पुलिस ने आरोपियों के पास से 52 मोबाइल फोन, 70 डेबिट कार्ड, 145 सिम कार्ड, 13 बैंक पासबुक, छह पीओएस मशीन, चार लैपटॉप, दो टैबलेट कंप्यूटर, चार हाई-स्पीड इंटरनेट राउटर और चार लाख रुपये नकद बरामद किए।
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