कई इनामी बदमाश लगे हाथ, भाटी फिर भी फरार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में आतंक का पर्याय सुंदर भाटी गैंग का सरगना रविवार दोपहर ग्रेटर नोएडा में एसटीएफ से मुठभेड़ के बाद उन्हें चकमा देकर फरार हो गया। गिरफ्तारी से पहले एसटीएफ और सुंदर भाटी गैंग के बीच कई राउंड फायरिंग भी हुई थी।
एसटीएफ ने 50 हजार रुपये के इनामी सुरेंद्र सुलैला समेत तीन अन्य अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से फारचूनर, स्विफ्ट गाड़ियां समेत असलहे और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ एसएसपी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी उमेश कुमार सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक अजय सहदेव ने सेक्टर-14ए स्थित कंट्रोल रूम में रविवार शाम प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी।
एसटीएफ के एसएसपी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से क्षेत्र में सुनियोजित क्राइम जैसे रंगदारी, वसूली, फिरौती, हत्या को अंजाम दे रहे सुंदर भाटी और अनिल दुजाना गैंग की वारदातें बढ़ रही थीं। इस पर अंकुश लगाने के लिए एसटीएफ ने तैयारी कर ली है।
रविवार को मुखबिर से सूचना मिली कि सुंदर भाटी गैंग के सुरेंद्र सुलैला की भाभी ग्रेटरनोएडा के कृष्णा अस्पताल में भर्ती है। सुंदर भाटी समैत गैंग के कई इनामी बदमाश वहां पहुंचने वाले हैं। सूचना के आधार पर एसटीएफ और कासना थाना के प्रभारी समरजीत सिंह के साथ सादी वर्दी में अस्पताल की घेरा बंदी कर ली गई थी।
क्या हुआ बरामद
इस बीच गैंग के पहुंचते ही पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई। कई राउंड फायरिंग के बाद एसटीएफ ने दस हजार के इनामी बुलंदशहर निवासी मुनेंद्र मावी और सुंदर भाटी गैंग का सहयोगी दनकौर निवासी बलराज नागर को गिरफ्तार किया।
वहीं, मौके से फारच्यूनर गाड़ी से फरार हुए बुलंदशहर निवासी 50 हजार का इनामी सुरेंद्र सुलैला, आलम नगर हापुड़ निवासी 20 हजार का इनामी ओमपाल चौहान को थाना कासना क्षेत्र में आगे जाकर ओवरटेक कर रोक लिया। इसके बाद बदमाशों ने गाड़ी के अंदर से फायरिंग शुरू कर दी।
एसटीएफ और पुलिस ने भी फायरिंग के बाद दोनों को पकड़ लिया। चारों बदमाशों के पास से पुलिस ने एक फाच्यूनर, एक स्फिट व मोटरसाइकिल बरामद की है। इन सभी पर हत्या, अपहरण, रंगदारी, वसूली, समेत दर्जनों मामले विभिन्न थानों में दर्ज है। हालांकि मुठभेड़ के दौरान गैंग का सरगना सुंदर भाटी, उसका भाई सिंघराज भाटी व प्रदीप नागर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए।
क्या हुआ बरामद
गिरफ्तारी के दौरान सुरेंद्र सुलैला के पास से एक नाइन एमएम की पिस्टल, चार जिंदा कारतूस और तीन खोखा कारतूस मिले हैं। वहीं, ओमपाल चौहान के पास से एक नाइन एमएम कंट्रीमेड पिस्टल सात जिंदा कारतूस, पांच खोखा कारतूस, मुनेंद्र मावी के पास से 315 बोर का तमंचा तीन जिंदा कारतूस व बलराज के पास से 12 बोर का तंमचा, तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
आर्गनाइज्ड क्राइम को खत्म करना चुनौती
पुलिस में भी गिरोह के मुखबिर
एसटीएफ अधीक्षक उमेश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस में भी सुंदर भाटी गैंग को सूचना पहुंचाने वाले लोगों के बारे में सूचनाएं मिली हैं। इसमें दिल्ली पुलिस के एक सिपाही का भी नाम सामने आया था। इसके खिलाफ कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से बातचीत की जा रही है।
इसके अलावा प्रदेश पुलिस के भी कुछ कर्मियों के बारे में गैंग को मदद करने की सूचनाएं मिली थीं। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों ही पुलिस ने सुंदर भाटी और अनिल दुजाना गैंग की बनाई गई सूची भी लीक होने में इसी तरह के पुलिसकर्मी का हाथ था। यहां तक कि कई स्थानों पर जेल से भी मुखबिरी होने की सूचना है।
एके-47 और कार्बाइन का करते हैं उपयोग
अधिकारियों के मुताबिक सुंदर भाटी गैंग के सदस्य आमतौर पर छोटे हथियार अपने साथ रखते थे। वहीं, किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने जाते समय अक्सर आतंकियों द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले खतरनाक एके-47 और कार्बाइन जैसे हथियार प्रयोग करते थे। मेरठ में तीन महीने पहले लालाराम को कार्बाइन से हमला कर 32 गोलियां मारी गई थी।
आर्गनाइज्ड क्राइम को खत्म करना है चुनौती
एसएसपी ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हो रहे आर्गनाइज्ड क्राइम को खत्म करने की जिम्मेदारी मिली है। सुंदर भाटी और अनिल दुजाना गैंग के बढ़ रहे वर्चस्व का धीरे-धीरे सफाया किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि हालांकि अभी शुरुआत में उनके पास पर्याप्त टीम नहीं है। जल्द ही इसमें बढ़ोतरी कर बड़े स्तर से अभियान चलाए जाएंगे। एसटीएफ चारों की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता मान रही है।