फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   STF arrested 50 thousand prize Bawaria gang miscreants in encounter

एसटीएफ के हाथ लगी बड़ी सफलता, मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार

Sun, 16 Sep 2018 02:13 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
ब्यूरो, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Sun, 16 Sep 2018 02:13 AM IST
विज्ञापन
STF arrested 50 thousand prize Bawaria gang miscreants in encounter
Bawaria gang

यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने शुक्रवार देर रात नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद बावरिया गिरोह के 50 हजार के इनामी दीपक बावरिया और उसके साथी प्रदीप बावरिया को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी लखनऊ, बाराबंकी और फर्रुखाबाद में डकैती और हत्या के तीन मामलों में वांछित हैं। एसटीएफ के मुताबिक दोनों किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए दिल्ली से ग्रेटर नोएडा में रेकी करने आए थे। दोनों के कब्जे से दो तमंचे और बिना नंबर की एक अपाचे बाइक बरामद हुई है।

विज्ञापन

   
नोएडा एसटीएफ यूनिट के पुलिस उपाधीक्षक राजकुमार मिश्रा के बताया कि बावरिया गिरोह ने बीते नवंबर व दिसंबर में बाराबंकी व लखनऊ और जनवरी 2018 में फर्रुखाबाद जनपद के विभिन्न गांवों में डकैती व हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। 3 फरवरी को लखनऊ में हुई पुलिस मुठभेड़ में चार बदमाश राजेश उर्फ पेटला, मनोज उर्फ छोटू, राजू उर्फ रमेश और महेंद्र को गिरफ्तार किया गया था। 
विज्ञापन


इनसे पूछताछ में दीपक बावरिया निवासी मोहम्मदाबाद, फर्रुखाबाद समेत कई अन्य बदमाशों के नाम सामने आए थे। दीपक पर 50 हजार का इनाम घोषित था। वहीं प्रदीप बावरिया भरतपुर, राजस्थान निवासी है। दोनों आरोपी दिल्ली के नजफगढ़ में किराये के मकान में रह रहे थे। इन दिनों ग्रेटर नोएडा में यह वारदात की साजिश में जुटे थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

दोनों के पिता भी जा चुके हैं जेल  

सीओ एसटीएफ ने बताया कि दीपक बावरिया और प्रदीप बावरिया के पिता भी जेल जा चुके हैं। दीपक के पिता रामप्रसाद और प्रदीप के पिता फूल सिंह डकैती के मामले में बुलंदशहर और अलीगढ़ जेल में सजा काट चुके हैं। दोनों ने बुलंदशहर के नरौरा, गुलावठी, डिबई समेत मेरठ, हापुड़ व अलीगढ़ जनपदों के गांवों में डकैती की कई वारदात को अंजाम दिया था। रामप्रसाद व फूलसिंह के बूढ़े होने के बाद उनके बच्चों ने परिवार को संभालने के साथ ही वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया। 

फेरी लगाने के बहाने अंजाम देते थे डकैती      
एसटीएफ के मुताबिक डकैती की वारदात को अंजाम देने के लिए ये लोग पहले गांवों में जाकर फेरी लगाने के बहाने रेकी करते हैं। जिसके बाद रात के अंधेरे में जाकर वारदात को अंजाम देकर ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए फरार हो जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed