प्रदेश नेताओं को अमित शाह की नाराजगी का करना पड़ा सामना, लगी फटकार
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का दो दिवसीय दिल्ली प्रवास के पहले दिन ही उनके समक्ष पार्टी नेताओं के बीच गुटबाजी और असंतोष उजागर हो गई। पहले दो सत्र में प्रदेश नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए और उनके कच्चे चिट्ठे खोले। इतना ही नहीं, प्रदेश नेताओं के पार्टी का कामकाज को लेकर भी सवाल उठे। इतना ही नहीं पार्टी का कोई भी पदाधिकारी अमित शाह के सवालों का जवाब नहीं दे सका। इसको लेकर अमित शाह ने कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रदेश नेताओं को कड़ी फटकार लगाई।
अमित शाह ने अपने प्रवास के पहले दिन एनडीएमसी के कन्वेंशन सेंटर में नौ सत्र में पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की। पहले सत्र में प्रदेश भाजपा के कोर ग्रुप सदस्यों, सांसद, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी, मोर्चा और जिला अध्यक्ष तथा अन्य पदाधिकारी ने उनके समक्ष एक-दूसरे की शिकायत की। इस दौराने एक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश के पदाधिकारी स्वयं को पार्टी का मालिक समझने लगे है।
वह पार्टी नेताओं को न तो सम्मान देते है और नहीं उनकी राय लेना मुनासिब समझते। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कामकाज में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। वहीं एक सांसद ने आरोप लगाया कि प्रदेश इकाई सांसदों को अछूत की तरह मान रही है। उनके साथ दोहरा मापदंड अपनाया जाता है।
इसी बीच अमित शाह ने भी प्रदेश इकाई के कामकाज पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान का संदेश अंतिम कार्यकर्ता तक नहीं पहुंचता है। प्रदेश स्तर पर ही केंद्र की नीतिया दम तोड़ देती है। इस संबंध में उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से पूरी रिपोर्ट अपने प्रवास के दूसरे और अंतिम दिन शनिवार को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
इस दौरान अमित शाह ने केंद्र सरकार की नीति और पार्टी आलाकमान के कार्यक्रमों के बारे में पार्टी पदाधिकारियों से सवाल जवाब किए। मगर एक भी पदाधिकारी उनके सवालों का जवाब नहीं दे सका। इसको लेकर उन्होंने नाराजगी जताते हुए सुधरने की हिदायत दी।
दूसरी ओर उन्होंने तीनों नगर निगम के पार्टी पार्षदों को पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि वह ईमानदारी से कार्य करें। कोई भी आरोप अपने ऊपर नहीं लगने दे। अगर वह सही कार्य करेंगे तो उन्हें भविष्य में टिकट दिया जाएगा, अन्यथा जैसे इस बार सभी पार्षदों के टिकट काटे है वैसे ही उनको भी टिकट से वंचित कर दिया जाएगा।
पार्टी नेताओं को टिप्स देने के बीच विरोधी दलों पर साधा निशाना
राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को दिल्ली भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच अपना दो दिवसीय प्रवास प्रारम्भ किया। इस दौरान अमित शाह ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली में पार्टी का जनाधार बढ़ाने के टिप्स देने के साथ-साथ विरोधी दलों पर हमला किया।
इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि आज देश में लोकतंत्र के नाम पर अधिकतर राजनीतिक दल परिवारवाद से चल रहे हैं और केवल एक या दो दलों में आंतरिक लोकतंत्र है, जिनमें भाजपा शामिल है। इसी कारण साधारण कार्यकर्ता भी पार्टी अध्यक्ष एवं प्रधानमंत्री तक बन गए। यह उस स्थिति के ठीक विपरीत है जो कांग्रेस एवं कुछ अन्य दलों में देखी जाती हैं उन दलों में पहले से ही तय होता है कि अगला अध्यक्ष कौन होगा।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता पश्चात के देश ने चार प्रकार की सरकारें देखी हैं, जिनमें कांग्रेस, कम्युनिस्ट, स्थानीय दलों व भाजपा की सरकार शामिल है। कांग्रेस एवं स्थानीय दलों के कुशासन ने उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे बड़े राज्यों, कम्युनिस्टों एवं तृणमूल ने बंगाल एवं बिहार को बीमारू बना दिया। दूसरी ओर मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में लम्बे भाजपा शासन ने विकास किया है। राजस्थान को बीमारू राज्यों की श्रेणी से निकाला है और अगले चार वर्ष में उत्तर प्रदेश को भी निकालेंगे।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने परिवारवादी राजनीति, जातिवादी राजनीति, तुष्टीकरण की राजनीति का अंत करते हुए देश को एक नया आर्थिक विकास दर्शन दिया है। भाजपा ने तीन साल में देश को विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बनाया है। विदेशी मुद्रा का भंडार बढ़ा है और जीडीपी में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। देर शाम को उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, सह प्रभारी तरूण चुघ, संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, पूर्व प्रदेश अध्यक्षों, दिल्ली के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया।