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शहर के स्टार्टअप हब में ‘राइडजी’ ने दी मजबूत दस्तक
यशलोक सिंह/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sun, 29 May 2016 01:04 AM IST
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गुड़गांव
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साइबर सिटी के स्टार्टअप हब में ‘राइडजी’ अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा रहा है। यहां इसकी शुरूआत दिसंबर 2015 में हुई। तभी से ही सर्विस सेक्टर में इसकी धूम मच रही है।
इस स्टार्टअप का आइडिया इसके संस्थापकों के मन में उस समय आया जब वह चीन में थे। आज इसे अपनाने वालों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रहा है। रेस्टोरेंट, रिटेल और पर्सनल शॉपर के साथ-साथ मोबाइल ऐप आधारित यह कंपनी लोगों सुबह-शाम के पीक आवर में राइड सर्विस भी मुहैया कराती है।
जो दिल्ली के द्वारका मेट्रो स्टेशन से गुड़गांव के बीच के सफर को आसान बनाती है। राइडजी की शुरूआत काफी छोटी पूंजी से हुई है। इसके बढ़ते दायरे और कद से उत्साहित इसके संस्थापक किरण, विनीत, मुकेश और युधिष्ठिर देश के छह अन्य शहरों में भी इसको लांच करने की योजना बना रहे हैं।
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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पीजी करने वाले राइडजी के को-फाउंडर मेंबर किरण बताते हैं कि जब वह अपने दोस्तों के साथ चीन गए थे तभी उन्हें यह आइडिया आया था। वहां पार्सल डिवेलरी और राइडर का अलग-अलग कॉसेप्ट था। मगर राइडजी के माध्यम से दोनों सर्विस को देश के कानून और नियम के अनुसार मिक्स कर दिया गया। किरण स्टार्टअप शुरू करने से पहले स्टार्टअप टेक्नॉलजी कंसल्टेंट थे। उन्होंने बताया कि जल्द ही इसके विस्तार की घोषणा छह अन्य शहरों में की जाएगी। इस दिशा में तैयारी चल रही है।
गुड़गांव में राइडजी के पास 50 राइडर हैं। जो मेट्रो स्टेशनों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अभी यहां कंपनी ने रिटेल पार्सल डिलेवरी में अपना हाथ नहीं आजमाया है। वहीं द्वारा में भी राइडजी के 50 बाइक राइडर हैं। जो द्वारका को गुड़गांव से जोड़ने का काम करते हैं। क्योंकि दोनों स्थानों के बीच सार्वजनिक वाहनों की उचित व्यवस्था नहीं है। एक राइडर को रोजाना 20 राइड मिल रही है। इन 100 राइडरों की नियुक्ति में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाता है। इन्हें वेरीफिकेशन के बाद रखा जाता है।
क्या है राइडजी...
राइडजी एक टाइम सेवर स्टार्टअप है जिसका संचालन मोबाइल ऐप के जरिए हो रहा है। यह लोगों को बाइक राइड उपलब्ध कराने के साथ-साथ रेस्टोरेंट और रिटेल को पार्सल डिलेवरी की भी सुविधा देती है। यहां तक की लोगों के पर्सनल शॉपर के तौर पर भी काम करता है। इसके द्वारा पार्सल की डिलेवरी दूरी और भारी ट्रैफिक के बावजूद तेज गति से की जाती है। इसकी शुरूआत गुड़गांव से दिसंबर, 2015 में हुई।
राइडजी का लक्ष्य...
राइडजी का लक्ष्य जुलाई, 2016 तक राइडजी 5000 औसत दैनिक ट्रांजेक्शन और अगस्त, 2016 तक एक लाख पंजीकृत यूजर्स का लक्ष्य लेकर चल रहा है। कंपनी ने उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने के लिए देश के प्रमुख पेमेंट गेटवेज के साथ करार किया है।
सम-विषम फार्मूले ने दी राइडजी को गति...
राइडजी स्टार्टअप को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सम-विषम फार्मूले ने काफी गति दी थी। इसी के बाद इस कंपनी की मांग 1500 फीसदी बढ़ी थी। इसका बिजनेस भी पांच गुना बढ़ गया था। राइडजी प्रवक्ता हर्ष अग्रवाल का कहना है कि राइडजी प्रदूषण को कम करने और परिवहन व्यवस्था की बेहतरी का काम कर रही है।
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इस स्टार्टअप का आइडिया इसके संस्थापकों के मन में उस समय आया जब वह चीन में थे। आज इसे अपनाने वालों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रहा है। रेस्टोरेंट, रिटेल और पर्सनल शॉपर के साथ-साथ मोबाइल ऐप आधारित यह कंपनी लोगों सुबह-शाम के पीक आवर में राइड सर्विस भी मुहैया कराती है।
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जो दिल्ली के द्वारका मेट्रो स्टेशन से गुड़गांव के बीच के सफर को आसान बनाती है। राइडजी की शुरूआत काफी छोटी पूंजी से हुई है। इसके बढ़ते दायरे और कद से उत्साहित इसके संस्थापक किरण, विनीत, मुकेश और युधिष्ठिर देश के छह अन्य शहरों में भी इसको लांच करने की योजना बना रहे हैं।
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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पीजी करने वाले राइडजी के को-फाउंडर मेंबर किरण बताते हैं कि जब वह अपने दोस्तों के साथ चीन गए थे तभी उन्हें यह आइडिया आया था। वहां पार्सल डिवेलरी और राइडर का अलग-अलग कॉसेप्ट था। मगर राइडजी के माध्यम से दोनों सर्विस को देश के कानून और नियम के अनुसार मिक्स कर दिया गया। किरण स्टार्टअप शुरू करने से पहले स्टार्टअप टेक्नॉलजी कंसल्टेंट थे। उन्होंने बताया कि जल्द ही इसके विस्तार की घोषणा छह अन्य शहरों में की जाएगी। इस दिशा में तैयारी चल रही है।
गुड़गांव में राइडजी के पास 50 राइडर हैं। जो मेट्रो स्टेशनों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अभी यहां कंपनी ने रिटेल पार्सल डिलेवरी में अपना हाथ नहीं आजमाया है। वहीं द्वारा में भी राइडजी के 50 बाइक राइडर हैं। जो द्वारका को गुड़गांव से जोड़ने का काम करते हैं। क्योंकि दोनों स्थानों के बीच सार्वजनिक वाहनों की उचित व्यवस्था नहीं है। एक राइडर को रोजाना 20 राइड मिल रही है। इन 100 राइडरों की नियुक्ति में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाता है। इन्हें वेरीफिकेशन के बाद रखा जाता है।
क्या है राइडजी...
राइडजी एक टाइम सेवर स्टार्टअप है जिसका संचालन मोबाइल ऐप के जरिए हो रहा है। यह लोगों को बाइक राइड उपलब्ध कराने के साथ-साथ रेस्टोरेंट और रिटेल को पार्सल डिलेवरी की भी सुविधा देती है। यहां तक की लोगों के पर्सनल शॉपर के तौर पर भी काम करता है। इसके द्वारा पार्सल की डिलेवरी दूरी और भारी ट्रैफिक के बावजूद तेज गति से की जाती है। इसकी शुरूआत गुड़गांव से दिसंबर, 2015 में हुई।
राइडजी का लक्ष्य...
राइडजी का लक्ष्य जुलाई, 2016 तक राइडजी 5000 औसत दैनिक ट्रांजेक्शन और अगस्त, 2016 तक एक लाख पंजीकृत यूजर्स का लक्ष्य लेकर चल रहा है। कंपनी ने उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने के लिए देश के प्रमुख पेमेंट गेटवेज के साथ करार किया है।
सम-विषम फार्मूले ने दी राइडजी को गति...
राइडजी स्टार्टअप को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सम-विषम फार्मूले ने काफी गति दी थी। इसी के बाद इस कंपनी की मांग 1500 फीसदी बढ़ी थी। इसका बिजनेस भी पांच गुना बढ़ गया था। राइडजी प्रवक्ता हर्ष अग्रवाल का कहना है कि राइडजी प्रदूषण को कम करने और परिवहन व्यवस्था की बेहतरी का काम कर रही है।