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स्टार प्रचारक की जेब में कितने रूपये होने चाहिए?
संजय शिशौदिया/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 12 Mar 2014 01:17 AM IST
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चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी प्रत्याशी और उसके स्टार प्रचारक की जेब में रखी नगदी पर भी चुनाव आयोग की नजर रहेगी।
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आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी पार्टी का प्रत्याशी अपनी जेब में 50 हजार और उसका प्रचार करने आए स्टार प्रचारक एक लाख से ज्यादा की रकम नहीं रख सकता।
निर्धारित से ज्यादा रकम अगर बरामद होती है तो न केवल रकम को जब्त कर लिया जाएगा, बल्कि उसके खिलाफ रिपोर्ट बनाकर चुनाव आयोग को भेज दी जाएगी।
निष्पक्ष चुनाव के लिए आयोग ने कई कडे़ नियम लागू किए हैं। आयोग ने नियम में स्पष्ट किया है कि प्रचार कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रत्याशी या उसके एजेंट के पास 50 हजार से ज्यादा की नगद राशि नहीं होनी चाहिए। उसकी गाड़ी में एक समय में 10 हजार से ज्यादा कीमत की प्रचार सामग्री भी नहीं होनी चाहिए।
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चुनाव आयोग की ‘छाया’ से प्रत्याशी अनजान
लोकसभा चुनाव में प्रचार-प्रसार में पैसा पानी की तरह बहाने और फिर अपने रजिस्टर में गोलमाल करके खर्चा कम दिखाना इस बार लोकसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को भारी पड़ सकता है।
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चुनाव आयोग उनके पूरे खर्चे पर न केवल नजर रखे हुए है, बल्कि अपना एक अलग रजिस्टर भी तैयार कर रहा है। आयोग ने अपने इसी रजिस्टर को ‘छाया’ नाम दिया है। छाया रजिस्टर पूरी तरह से वीडियो अवलोक टीम के अनुसार मेनटेन किया जाएगा।
इसमें प्रत्याशी ने कब किस समारोह और रैली में कितना खर्च किया, इसकी पूरी रिकार्डिंग की जाएगी। बता दें कि जिला निर्वाचन कार्यालय ने फूल माला, खानपान, ढोल, डांस पार्टी, वाहन आदि का रेट तय कर लिया है। इसी रेट लिस्ट के आधार पर प्रत्याशी का खर्च जोड़ा जाएगा।
सुधन और मुकुल का चुनावी खर्चा!
सपा और बसपा प्रत्याशी शायद इस बात से अनजान हैं कि उनके समारोह, रैली और अन्य पार्टी आयोजनों का खर्च नामांकन के बाद जुड़ना शुरू होगा।
चुनाव आयोग का एक नियम इन प्रत्याशियों के होश उड़ा सकता है। आयोग ने अपने अनुलग्नक-37 में कहा है कि पहले से ही घोषित प्रत्याशी का ऐसा खर्च भी उसके खाते में जुड़ेगा जो उसे नामांकन के बाद भी फायदा पहुंचा रहा हो।