स्टालिन की टोली देशहित के मुद्दों पर राजनीति कर रही हैं: अमित शाह
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दिल्ली फतह में जुटे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अरविंद केजरीवाल, राहुल गांधी व ममता बनर्जी की स्टालिन से तुलना करते कहा कि वोट बैंक के लिए यह टोली देशहित के मुद्दों पर राजनीति कर रही हैं। शाह सोमवार को रिठाला, जनकपुरी में आयोजित नुक्कड़ सभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कांग्रेस के शासन में पाकिस्तान से कोई भी भारत में घुस कर हमारे जवानों पर हमला कर देता था। वर्ष 2014 में भाजपा की सरकार बनीं पाकिस्तान ने उरी और पुलवामा में हमला किया, लेकिन 10 दिनों के अंदर ही भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर चुन-चुनकर आतंकवादियों का मारा। इस पर गर्व करने की बजाय विपक्ष सबूत मांगने लगा। उन्होंने कहा, इन्हें न तो देश की सुरक्षा की चिंता है, न देश के जवानों पर भरोसा है, इन्हें बस अपने वोट बैंक की चिंता है।
शाह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए कहा कि दो साल पहले जेएनयू में ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे एक हजार’ के नारे लगे। प्रधानमंत्री ने नारे लगाने वालों को जेल में डलवाया, लेकिन केजरीवाल को इसमें भी दिक्कत थी। दिल्ली सरकार ने देश विरोधी नारा लगाने वाले पर कारवाई तक की अनुमति नहीं दी। दिल्ली की जनता को केजरीवाल बताए कि क्या वो टुकड़े-टुकड़े गैंग के एक सदस्य हैं।
उन्होंने कहा, विपक्ष नागरिकता संशोधन कानून जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी स्तरहीन राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है। राहुल गांधी, केजरीवाल ने इस कानून के विरोध में पहले दिल्ली में दंगे करवाए और अब शाहीन बाग में हो रहे प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं। केजरीवाल ट्वीट कर रहे हैं कि भाजपा वाले शाहीन बाग जाएं और प्रदर्शनकारियों को समझाए कि लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। इस तंज कसते हुए शाह ने कहा कि शाहीन बाग वाले भाजपा की तो नहीं सुनेंगे, केजरीवाल तो शाहीन बाग के प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं तो वो खुद प्रदर्शनकारियों के साथ बैठकर उन्हें क्यों नहीं समझा रहे।
देश विरोधी ताकतों को नहीं बख्शेंगे
शाह ने कहा कि मोदी सरकार देश विरोधी ताकतों को नहीं बख्शेगी, जिस शरजील इमाम ने असम को भारत से चिकन नेक की तरह काटकर अलग करने की बात कही है, उस पर मोदी जी के आदेश से देशद्रोह का मुकदमा दायर कर दिया गया है। उन्होंने सवाल किय क्या केजरीवाल शरजील इमाम के बचाव में भी उतरेंगे। अब 8 फरवरी को दिल्ली के लोगों का वोट ही तय करेगा की दिल्ली में धरने पर बैठने वाली सरकार चाहिए या दिल्ली को सुरक्षित रखने वाली भाजपा की सरकार चाहिए।
सांसद प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री कहते हैं कि दिल्ली का चुनाव शिक्षा व स्वास्थ पर लड़ना चाहिए, लेकिन दिल्ली में न तो शिक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ न ही स्वास्थ व्यवस्था में। इसका मतलब तो यही हुआ कि दिल्ली से आम आदमी पार्टी की सरकार जा रही है और भाजपा की सरकार आ रही है। सांसद हंसराज हंस ने कहा कि दिल्ली में एक बार भाजपा को मौका दीजिए क्योंकि अब आप अनधिकृत नहीं है आप अधिकृत हैं और प्रधानमंत्री की पहल से आपको आपके घर का मालिकाना हक मिल गया है।