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एसएसबी ने फंड की कमी के चलते जवानों के भत्ते रोके, अब इस महीने में मिलने की उम्मीद

Sun, 26 Jan 2020 05:56 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 26 Jan 2020 05:56 AM IST
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SSB withheld allowances due to lack of funds
एसएसबी

देश की सीमाओं की सुरक्षा में जुटे अर्द्धसैनिक बल एसएसबी ने फंड की कमी के चलते अपने जवानों के भत्तों पर दो महीने के लिए रोक लगा दी है। अधिकृत सूत्रों ने शनिवार को बताया कि जवानों को जनवरी और फरवरी के दौरान एरियरों और अन्य भत्तों का भुगतान नहीं किया जाएगा। हालांकि सभी तरह के एरियर मार्च में जारी कर दिए जाने की उम्मीद है।

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सूत्रों ने बताया कि सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) मुख्यालय ने देशभर में अपनी यूनिटों को बताया है कि उनके पास इस समय मुश्किल से जवानों व अन्य कर्मचारियों के जनवरी और फरवरी का वेतन देने लायक ही फंड बचा हुआ है। ऐसे में 90 हजार जवानों वाली इस फोर्स के किसी अन्य बिल का भुगतान इस दौरान नहीं किया जाएगा।
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एसएसबी ने अपनी सभी फील्ड यूनिटों को वेतन का बकाया एरियर या छुट्टियों के बदले भुगतान सरीखे भत्तों को फिलहाल होल्ड पर रखने का लिखित आदेश जारी किया है। यह आदेश 23 जनवरी को ‘मोस्ट इमिडिएट’ वर्ग के तहत जारी किया गया है।
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हालांकि जब मीडिया ने अधिकारियों से इस बाबत सवाल किया तो उन्होंने फंड की कमी का जवानों के वेतन पर कोई भी प्रभाव नहीं होने की बात कही। साथ ही आश्वस्त किया कि सभी एरियरों का भुगतान भी मार्च में कर दिया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने वित्त वर्ष के आखिरी महीनों में फंड की कमी को एक रूटीन प्रक्रिया करार दिया। एसएसबी केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आने वाली पांच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) में से एक है।

यह अहम जिम्मेदारी संभालती है एसएसबी

  •  नेपाल से लगी 1751 किलोमीटर लंबी आम आवाजाही वाली सीमा
  •  भूटान से लगी 699 किलोमीटर लंबी आम आवाजाही वाली सीमा
  •  बिहार और झारखंड में नक्सली विरोधी अभियानों में हिस्सेदारी
  •  चुनाव व अन्य मौकों पर पूरे देश में केंद्रीय बल के तौर पर नियुक्ति
 

पिछले साल सीआरपीएफ में आया था संकट

बता दें कि पिछले साल नक्सल विरोधी और कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों को संभाल रही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को भी ऐसे ही संकट से जूझना पड़ा था। केंद्र सरकार से 800 करोड़ रुपये के अतिरिक्त फंड की मंजूरी मिलने में देरी के कारण सीआरपीएफ को अपने जवानों का राशन मनी अलाउंस (आरएमए) रोकना पड़ा था।
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