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अब तीन साल के अंतराल पर लिया जाएगा स्पीड टेस्ट

Tue, 01 Mar 2016 06:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Tue, 01 Mar 2016 06:18 PM IST
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Speed Test will be at intervals of three years.

स्पीड (स्पोर्ट्स एंड फिजिकल एक्सरसाइज इवेल्यूशन एंड डवलेपमेंट) छात्रवृति टेस्ट अब हर साल आयोजित होने की बजाए तीन साल के अंतराल पर आयोजित होगा। इस बार 2017-2018 में स्पीड टेस्ट लिया जाएगा।

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विभाग का मानना है कि एक साल में किसी भी खिलाड़ी को प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी नहीं बनाया जा सकता। जबकि स्पीड छात्रवृति को शुरू करने का अभिप्राय राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी तैयार करना रहा है।
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इसी को ध्यान में रखते हुए हर तीन साल के अंतर पर स्पीड टेस्ट आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान कोच खिलाड़ी के प्रशिक्षण पर पूरी मेहनत कर उन्हें तैयार कर सकेंगे।
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गौरतलब है कि सत्र 2014 में स्पीड टेस्ट लिया गया था, जिसमें प्रदेशभर में दो हजार से अधिक बच्चों ने यह टेस्ट पास किया था। इनमें फरीदाबाद के 93 और पलवल के 213 विद्यार्थी शामिल थे। इन खिलाडिय़ों का प्रशिक्षण 1 दिसंबर 2015 से जिले की विभिन्न खेल नर्सरी में शुरू हुआ। लेकिन प्रशिक्षण शुरू हुए तीन महीने होने के बावजूद नर्सरी में खिलाडिय़ों की संख्या बहुत कम है।

इसका कारण कुछ खेल विभाग की जागरूकता कमी रही और कुछ खिलाडिय़ों का भी खेल के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैया रहा है। ऐसे में विभाग का मानना है कि इतने कम समय में न तो अच्छा खिलाड़ी तैयार हो पा रहा है।

साथ ही प्रदेश सरकार हर साल करोड़ों रुपये छात्रवृति के रूप में व्यर्थ करता है। यहां यदि तीन साल बाद टेस्ट आयोजित होगा, तो टेस्ट पास करने वाले खिलाड़ी एक साल की बजाए जहां तीन साल तक छात्रवृति का लाभ उठा सकेंगे। वहीं इसी दौरान अच्छा प्रशिक्षण लेकर वह प्रदेश की झोली में बहुत से पदक डाल सकेंगे।

क्या है स्पीड टेस्ट

यह टेस्ट चार चरणों में आयोजित होता हैं, जिसमें पहले तीन चरणों में खिलाड़ी को 30 मीटर फ्लाइंग, 6 गुणा 10 शटल दौड़, फारवर्ड बेंड एंड रीच, स्टैंडिंग बोर्ड जंप, मेडिसिन बॉल पुट और 800 मीटर की दौड़ से गुजरना होता है।


चौथे चरण में वह अपना मनपसंद खेल चुनता है। इसके बाद उसे विभाग द्वारा हर जिले में उपलब्ध खेल नर्सरी में प्रशिक्षण लेना होता है ताकि वह आगे चलकर उस खेल में अपना नाम कमा सके। यह टेस्ट दो आयु वर्ग में लिया जाता है। जिसमें 8 से 14 आयु वर्ग के खिलाड़ी को दो हजार और 15 से 19 आयु वर्ग में तीन हजार की छात्रवृत्ति टेस्ट पास करने पर मिलती है।

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