फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Specific moment in ramadan

33 साल बाद आया है रमजान में ऐसा मौका

Mon, 30 Jun 2014 07:51 AM IST
Updated Mon, 30 Jun 2014 07:51 AM IST
विज्ञापन
Specific moment in ramadan

रोजेदारों को इस बार अल्लाह की इबादत में ज्यादा वक्त गुजारने का मौका मिलेगा। 33 साल के बाद रोजेदार साढ़े 15 घंटे से अधिक समय का रोजा रखेंगे।

विज्ञापन


इस बार पहले रोजे के दिन सहरी सुबह 03 बजकर 49 मिनट पर और इफ्तार शाम 7 बजकर 27 मिनट पर होगा। यानी बंदों का पहला रोजा 15 घंटे 38 मिनट का होगा।

कैलेंडर के मुताबिक, 33 साल बाद रमजान का महीना जून में आया है। इससे पहले 1982 में 23 जून से रमजान का महीना शुरू हुआ था।

इस साल का सबसे अधिक लंबा रोजा

Specific moment in ramadan

जबकि इस बार 30 जून से शुरू हो रहा है। वहीं, 2015 में आने वाला रोजा इस साल से अधिक लंबा होगा। इस साल पूरे महीने में रोजे की अवधि में ज्यादा कमी नहीं आएगी। दिन बड़े और रातें छोटी होने की वजह से हर रोजा 15 घंटे से ज्यादा समय का होगा।

इस्लामी कैलेंडर व मस्जिदों में जारी शेड्यूल के मुताबिक, सहरी का वक्त तीन बजकर 49 मिनट से शुरू होगा और आखिरी रोजे का वक्त चार बजकर सात मिनट होगा, इसी तरह इफ्तार का वक्त शाम 7:27 बजे से घटकर 7:19 बजे तक हो पाएगा। यानी हर रोजा 15 घंटे से अधिक समय का होगा।

स्थानीय जामा मस्जिद के इमाम जान मोहम्मद ने बाताया कि रोजा फजर (सुबह की नमाज) से पहले शुरू हो जाता है और मगरिब (दिन डूबने के बाद) की नमाज में खत्म होता है। इसी केअनुसार, रोजे का वक्त निकाला जाता है। जून में दिन लंबा होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रमजान का महत्व

Specific moment in ramadan

गुड़गांव जामा मस्जिद के इमाम कहते हैं कि रोजे की बड़ी फजीलत है। हदीस में है कि रोजेदार की मुंह की बदबू अल्लाह के नजदीक मुश्क की खूशबू से ज्यादा प्यारी है।

रिवायत में है कि कयामत के दिन रोजेदारों के लिए अर्श के तले दस्तरखान चुना जाएगा, रोजेदार उस पर बैठकर खाना खाएंगे और सब लोग अपनी हिसाब में लगे होंगे।

इस महीने में अल्लाह एक नेकी के बदले 70 नेकी देता है। सिर्फ भूखे रहने का नाम रोजा नहीं है, बल्कि पाबंदी के साथ पांच वक्त की नमाज पढ़ना, तौबा करना, बुराइयों से बचे रहने का नाम रोजा है।

विज्ञापन

रोजे में सेहत का रखें ख्याल

Specific moment in ramadan

अस्पताल की डायटीशियन डॉक्टर हनी टंडन कहती हैं कि लोगों के मेटाबॉलिक सिस्टम दिन में तीन बार खाने का आदि होता है। ऐसे में इतना लंबा रोजा रखने के बाद एक साथ तला-भूना खाने से परेशानी बढ़ सकती है। गर्मी के मद्देनजर इफ्तार में नारियल पानी बेहतर साबित हो सकता है।

इसके सेवन से सोडियम, पोटेशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट की कमी पूरी की जा सकती है। वहीं खजूर, शरबत, चना, मांस व फल के सेवन से कैलोरी की कमी पूरी होती है।  जिन रोजेदारों को हृदय, मधुमेह और रक्तचाप की शिकायत है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

रमजान के मुबारक महीने में रोजे रखने को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। छुट्टी का फायदा उठाते हुए रविवार को मुसलमानों ने खूब खरीदारी की। मस्जिदों में भी जरूरत की चीजों का बंदोबस्त किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed