फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Speaker and Ministers had a tussle with AAP MLAs On third day of Delhi Assembly budget session

Delhi Budget Session: विधानसभा अध्यक्ष और मंत्रियों की आप विधायकों से नोकझोंक, जानें किन मुद्दों पर रहा जोर

Thu, 27 Mar 2025 09:23 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 27 Mar 2025 09:23 AM IST
सार

दिल्ली विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है। बजट सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान अध्यक्ष व मंत्रियों की आप विधायकों साथ कई बार नोकझोंक देखने को मिली। सदन में तीखी बहस के बीच आशीष सूद ने 10 साल के कामकाज को कठघरे में खड़ा किया और आप से सवाल पूछे। 

विज्ञापन
Speaker and Ministers had a tussle with AAP MLAs On third day of Delhi Assembly budget session
दिल्ली विधानसभा - फोटो : DELHI ASSEMBLY

विस्तार

विधानसभा में बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान अध्यक्ष व मंत्रियों की आप विधायकों साथ कई बार नोकझोंक हुई। इस दौरान विपक्ष की नेता आतिशी और मंत्री आशीष सूद के बीच तीखी बहस हुई। इसके अलावा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की गैरमौजूदगी में मंत्री प्रवेश वर्मा की ओर से प्रश्नों का उत्तर देने पर आपत्ति जताई गई। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने विपक्ष को चेतावनी दी कि अगर हंगामा जारी रहा तो कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सीएम दोपहर बाद आईं और सदन को संबोधित किया।

विज्ञापन


प्रश्नकाल के दौरान आतिशी ने दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड की कार्यप्रणाली और झुग्गी बस्तियों की दुर्दशा पर सवाल उठाए। उन्होंने सदन में शौचालयों की गंदगी की तस्वीरें पेश कीं और कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में झुग्गीवासियों के विकास की बात कही थी, लेकिन जमीनी हालात बेहद खराब हैं। इस पर मंत्री आशीष सूद ने जवाब देते हुए कहा कि सफाई प्रक्रिया जारी है और फोटो के साथ लोकेशन की जानकारी सार्वजनिक की जा रही है। 
विज्ञापन


उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब आतिशी खुद वित्त मंत्री थीं, तो 31 मार्च को रात 11:40 बजे बजट दिया गया था, जिसे खर्च ही नहीं किया जा सका। जब आतिशी की पार्टी सत्ता में थी, तब उन्होंने इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया। सूद ने कहा कि आतिशी गंभीरता से काम नहीं करतीं और सदन में समय पर नहीं पहुंचतीं।  
विज्ञापन
विज्ञापन


इधर, प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी पर विपक्ष ने सवाल खड़ा किया। मुख्यमंत्री की जगह मंत्री प्रवेश वर्मा ने जवाब दिया, जिस पर विपक्ष ने आपत्ति जताई। विजेंद्र गुप्ता ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि विधानसभा के नियमों के अनुसार, किसी भी मंत्री की गैरमौजूदगी में अध्यक्ष किसी अन्य मंत्री को जवाब देने के लिए अधिकृत कर सकते हैं। पिछली सरकार में प्रश्नकाल तक नहीं चलता था, लेकिन मौजूदा सरकार विपक्ष को पूरा समय दे रही है। इसके बावजूद 45 मिनट के प्रश्नकाल में से 30 मिनट विपक्ष ने हंगामे में गंवा दिए।

अनाधिकृत कॉलोनियों पर भी बहस
अनधिकृत कॉलोनियों के विकास को लेकर भी सदन में तीखी बहस हुई। आशीष सूद ने 10 साल के कामकाज को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि आप सरकार ने 1797 अनधिकृत कॉलोनियों में केवल 1564 किमी सड़क बनाई, यानी प्रति कॉलोनी मुश्किल से एक किलोमीटर सड़क ही बनी। इसी तरह, 3499 किमी सीवर लाइन बिछाई गई, जो औसत दो किमी प्रति कॉलोनी रही। आप सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रही, जबकि भाजपा सरकार जमीनी स्तर पर विकास कार्य कर रही है।

भाजपा ने बजट को सराहा तो आप ने बताया हवा-हवाई
 विधानसभा में बुधवार को बजट पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। भाजपा विधायकों ने बजट की सराहना करते हुए इसे दिल्ली के विकास के लिए दूरदर्शी कदम बताया तो आप विधायकों ने बजट को हवा-हवाई करार देते हुए जमीनी हकीकत से कोसों दूर बताया। 

वहीं, आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर भी भाजपा और आप विधायकों में कहासुनी हुई। भाजपा विधायक हरीश खुराना, नीलम पहलवान, गजेंद्र दराल व मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि बजट दिल्ली को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला है। इसमें बुनियादी ढांचे, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में ठोस योजनाएं बनाई गईं हैं। सिरसा ने कहा कि बजट आत्मनिर्भर और विकसित दिल्ली की दिशा में बड़ा कदम है। भाजपा सरकार ने वादों को पूरा करने का प्रयास किया है, जबकि पिछली सरकार ने कोई कार्य नहीं किया। 

नीलम पहलवान ने कहा कि बजट में महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष योजनाएं शामिल की गई हैं, जो समाज के हर वर्ग को लाभ पहुंचाएंगी। इधर, आप विधायक संजीव झा ने बजट को हवा-हवाई करार देते हुए कहा कि इसमें वादे तो बहुत किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी ठोस नहीं दिख रहा। उन्होंने बजट के साथ आर्थिक सर्वेक्षण न आने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज तक के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि बजट से पहले इसे पेश न किया गया हो। सरकार का यह गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताता है कि वे तथ्यों से बच रहे हैं। पूरे बजट भाषण में योजनाओं से ज्यादा विपक्ष पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए। 


वहीं, भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण सरकार की नीयत नहीं बताता, यह सिर्फ एक डाटा होता है। संविधान में कहीं नहीं लिखा कि यह अनिवार्य है। आप सरकार 10 साल के कार्यों का आउटकम लेकर आए, बजाय इसके कि वह सिर्फ सर्वेक्षण के लिए शोर मचाए। दिल्ली के स्कूलों और अस्पतालों की हालत खराब हो चुकी है, लेकिन विपक्ष इस पर बात करने की जगह सर्वेक्षण पर बहस कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed