{"_id":"86115057dfdeacd4d285a1998a3013b8","slug":"south-mcd-call-for-garbage-within-12-hours-it-will-get-solved","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिकायत कीजिए, 12 घंटे में होगा निवारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिकायत कीजिए, 12 घंटे में होगा निवारण
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 27 Feb 2014 05:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने कूड़े से संबंधित शिकायतों का निवारण करने के लिए हेल्पलाइन शुरू की है। निगम के नेताओं और अधिकारियों ने उस पर शिकायत दर्ज कराने के 12 घंटे के अंदर उसे दूर होने का दावा किया गया है।
विज्ञापन
बुधवार को हेल्पलाइन की शुरुआत करने के दौरान नेताओं के अरमान हवा हवाई होते दिखाई दिए, क्योंकि एक जोन की हेल्पलाइन पर कार्यरत कर्मचारी ने सदन के नेता से सही ढंग से बात नहीं की।
विज्ञापन
मेयर सरिता चौधरी, स्थाई समिति के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय, सदन के नेता सुभाष आर्य और आयुक्त मनीष गुप्ता ने सिविक सेंटर में मीडिया के समक्ष चारों जोन के लिए हेल्पलाइन शुरू की। वहां पहले से कार्यरत कंट्रोल रूम को हेल्पलाइन में तब्दील कर दिया गया।
विज्ञापन
हेल्पलाइन सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। यहां पर कूड़े से संबंधित शिकायतों के अलावा अन्य शिकायतें भी पहले की भांति दर्ज कराई जा सकेगी। कूड़े से संबंधित शिकायतों का अलग से ब्यौरा रखा जाएगा।
शिकायतों के निवारण के लिए दक्षिणी जोन में 26522700, मध्य जोन में 29812700, पश्चिमी जोन में 25422700 और नजफगढ़ जोन में 28011235 पर फोन किए जा सकते हैं। प्रत्येक नंबर पर तीन लाइन उपलब्ध कराई गई है। फोन सुनने के लिए तीन-तीन ऑपरेटर नियुक्त किए गए हैं।
इस दौरान तीनों नेताओं और आयुक्त ने अलग-अलग जोन में फोन किया। हेल्पलाइन में जब सुभाष आर्य ने फोन किया तो वहां कार्यरत कर्मचारी ने ‘हैलो हेल्पलाइन’ बोलने के बजाए ‘हैलो कंट्रोल रूम’ बोला। इसके अलावा उसने दर्ज कराई गई शिकायत पर कार्रवाई करने के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
इस पर सुभाष ने आयुक्त को व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए। खास बात यह है कि इसके लिए टेलीफोन ऑपरेटरों को ट्रेनिंग दी गई है।