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जल्द अमीर बनने के लालच में पुरखों की विरासत भी गंवा दी, अब रो रहे

Fri, 10 Feb 2017 05:04 PM IST
मनोज कुमार/अमर उजाला, नोएडा
मनोज कुमार/अमर उजाला, नोएडा Updated Fri, 10 Feb 2017 05:04 PM IST
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Soon become rich ancestral heritage also lost in greed, now crying
fraud company - फोटो : अमर उजाला

कम खर्च करके अधिक कमाई के चक्कर में ग्रामीण क्षेत्र के कुछ युवाओं में पुरखों से विरासत में मिली मोटी रकम अमीर बनने के लालच में गवां दी। एक-एक युवक ने 5 से 15 लाख रुपये तक अलग-अलग आईडी से लगा दिए हैं और अब फर्जीवाडे़ का खुलासा हुआ तो मुआवजे में मिले रुपये डूब गए।

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किसी ने पिता की रिटायरमेंट की रकम लगाई तो किसी ने परिजनों को बिजनेस बताकर पैसे डुबा दिए। हर गांव में ऐसे दो-चार युवक मिल रहे हैं और अब वह परेशान हैं कि आखिर अपने रुपयों को वापस कैसे लाएं।
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दरअसल, एबलेज इंफो कंपनी ने 57,500 रुपये में एक व्यक्ति को सदस्य बनाया था। इसके बाद उस सदस्य को चेन बनाते हुए दो लोगों को अपने साथ जोड़ना था और जो दो जोड़े गए थे उनको भी दो-दो अपने साथ जोड़ने थे।

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एनसीआर समेत अन्य गांवों में यह सिलसिला शुरू हुआ यह धंधा

Soon become rich ancestral heritage also lost in greed, now crying
fraud company - फोटो : अमर उजाला
इस तरह चेन बढ़ते-बढ़ते काफी लंबी हो गई। शुरूआत में यह धंधा केवल शहर में ही चल रहा था, लेकिन जैसे ही एनसीआर समेत अन्य गांवों में यह सिलसिला शुरू हुआ तो इसके सदस्यों की संख्या तेजी बढ़ने लगी।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा के गांवों में कुछ युवाओं ने पैतृक जमीन के बदले में मिले मुआवजे को भी लगा दिया। ग्रेनो के एक गांव के निवासी दिलेर सिंह ने बताया कि उनके पिता को करीब चार साल पहले मुआवजा मिला था।

15 लाख रुपये उसने इसमें लगा दिए। परिवार के सभी सदस्यों और ससुराल व मामा-मामी तक को उसने अपने ही रुपयों से सदस्य बना दिया। करीब चार माह में 15 लाख रुपये खर्च करके उसे एक से डेढ़ लाख रुपये ही मिले थे। बाकी रकम फंस गई।

​बेटे ने व्यापार करने को कहकर उनसे सारे रुपये लिए और एबलेज कंपनी में लगा दिए

Soon become rich ancestral heritage also lost in greed, now crying
fraud company - फोटो : अमर उजाला
नोएडा के एक गांव निवासी सतीश कुमार का कहना है कि उनके पिता को हाल ही में मुआवजा मिला था। वह पांच भाई हैं। पिता समेत पांचों भाइयों के हिस्से में 25-25 लाख रुपये आए थे।

उसने अपने हिस्से के 10 लाख रुपये इस बिजनेस में लगा दिए थे जबकि कुछ पैसा रिश्तेदारों को कुछ दिन के लिए दिए थे जिससे वह रुपये कमा सकें और उसका ब्याज के रूप में कमाई का चौथाई हिस्सा मिलता रहे, लेकिन अभी काम शुरू ही हुआ था कि एबलेज इंफो कंपनी का घोटाला सामने आ गया।  

इसी तरह बुजुर्ग राम सेवक बताते हैं कि वह दिल्ली के बीएसएनएल विभाग में तैनात थे और 10 साल पहले रिटायर हुए थे। उनके खाते में करीब 14 लाख रुपये थे।

बेटे ने व्यापार करने को कहकर उनसे सारे रुपये लिए और एबलेज कंपनी में लगा दिए। अब पता नहीं रुपये मिलेंगे भी या नहीं। उन्होंने बेटे का भविष्य सुधारने के लिए अपने जीवन में कमाई कीमती रकम डुबा दी।

हर कोई पैसा कमाना चाहता है। सामान्य रूप से मार्केटिंग कंपनियां इस तरह के आइडिया इस्तेमाल करती हैं और लोगों को झांसा देेती हैं। कंपनियां अपने उत्पाद बेचने के लिए इसी तरह काम करती हैं और 3700 करोड़ का घोटाला करने वाली कंपनी ने भी लोगों की फितरत को पहचाना जिसमें वह बिना कुछ किए छोटी रकम लगाकर अधिक कमाना चाहते थे।- डॉ. जुगल किशोर सामाजिक मनोवैज्ञानिक
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