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अपहर्ताओं के चंगुल से निकल भागा हवलदार का बेटा

Sat, 25 Oct 2014 01:06 PM IST
Updated Sat, 25 Oct 2014 01:06 PM IST
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Son of constable escapes from kidnappers track.

दीपावली की रात दिल्ली के नजफगढ़ इलाके से अगवा हुआ युवक पलवल के आर्यनगर से बरामद हुआ है। शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे वह अपहर्ताओं के चंगुल से निकल भागा। अपहर्ताओं ने तीन करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी।

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नजफगढ़ के गांव पपरावर निवासी रोहताश यादव का 22 वर्षीय बेटा प्रदीप कुमार प्रॉपर्टी का कारोबार करता है। रोहताश दिल्ली पुलिस में हवलदार हैं। दीपावली की रात करीब 8.30 बजे प्रदीप होंडा सिटी कार से गांव के बाहर स्थित नहर पर प्रसाद चढ़ाने गया था। वहां पांच युवकों ने तमंचे के बल पर उसे सेंट्रो कार में बिठा लिया। एक बदमाश ने प्रदीप की कार अपने कब्जे में ले ली।
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प्रदीप के अनुसार, अपहर्ताओं में से विनोद व आशीष उर्फ सन्नी उसके साथ दिल्ली के अरविंदो कॉलेज में पढ़ाई कर चुके हैं। प्रदीप ने बताया कि बदमाशों ने उसे नशे के दो इंजेक्शन लगा दिए थे। उसे आर्यनगर के एक फ्लैट में लाया गया। सुबह कुछ होश आया तो उसने अपहर्ताओं को सोता पाया।
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किसी तरह से पैरों की रस्सी खोलकर बाथरूम के साथ लगे पाइप के सहारे उतरकर वह बाहर आ गया और सिटी थाने पहुंच गया। सिटी पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को पकड़ लिया। बदमाशों की पहचान जटौला के राहुल व जीतू के रूप में हुई है। इन्होंने बताया कि जटौला के ही संजू, विनोद व आशीष उर्फ सन्नी देर रात उन्हें छोड़ प्रदीप की होंडा सिटी कार में लेकर चले गए थे।

पुलिस ने ही नहीं दिया साथ

Son of constable escapes from kidnappers track.

दिल्ली के नजफगढ़ क्षेत्र से अगवा हुए प्रदीप के पिता दिल्ली पुलिस में हवलदार रोहताश यादव अपने ही विभाग की बेवफाई का शिकार हो गए। उन्होंने अपने ही विभाग पर सवालिया निशान खड़ा करते हुए छांवला थाने में तैनात महिला हेड कांस्टेबल पर शिकायत न लेने का आरोप लगाया है।

शहर थाना परिसर में ‘अमर उजाला’ से बातचीत में रोहताश यादव का आरोप है कि अगर दिल्ली पुलिस उनकी सुन लेती तो उनके इकलौते बेटे प्रदीप को 12 घंटे की तकलीफ न सहनी पड़ती। यादव ने कहा कि 23 अक्तूबर की रात करीब नौ बजे प्रदीप के मोबाइल से उनके घर पर फोन आया।

फोन पर उनकी पत्नी सावित्री ने उठाया। बदमाशों ने पत्नी से कहा कि प्रदीप उनके चंगुल में है। उसे छोड़ने की एवज में तीन करोड़ रुपये चाहिए। उन्होंने कहा कि अपहरण होने की सूचना मिलते ही उन्होंने तुरंत छांवला पुलिस थाने को लिखित में शिकायत दी।

लेकिन दिल्ली पुलिस ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। रोहताश यादव ने आरोप लगाया कि छांवला थाने में ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल ने तो उनकी शिकायत लेना तक उचित नही समझा।

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