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अलग ब्लड ग्रुप के बावजूद लीवर देकर बचाई जान
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Sun, 20 Dec 2015 07:57 AM IST
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आगरा निवासी एक परिवार के बेटे ने पिता को लीवर दान कर उनका जीवन बचाया है। नोएडा जेपी अस्पताल में लीवर प्रत्यारोपण हुआ है।
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डॉक्टरों के मुताबिक, प्रत्यारोपण मुश्किल था, क्योंकि पिता का ब्लड ग्रुप बेटे के ब्लड ग्रुप से भिन्न था। अस्पताल के सीनियर लीवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. अभिदीप चौधरी ने बताया कि 26 साल के बेटे एरन ने 50 साल के पिता एंड्रिव को लीवर दान किया है। प्रत्यारोपण अक्तूबर में हुआ है।
मरीज लीवर सिरोसिस से पीड़ित था और उसे खून की उल्टियां हो रही थी। पिता का ब्लड ग्रुप ओ और बेटे का ग्रुप-ए था। इस प्रत्यारोपण में पहले मरीज का एक ब्लड टेस्ट किया गया, जिसमें उसके ब्लड में एंटीबॉडी की मात्रा का पता लगाया गया।
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आगे की विधि में लीवर को स्वीकार नहीं करने वाले एंटीबॉडी को एक इंजेक्शन से कम किया जाता है। वहीं, एंड्रिव ने बताया कि वह मृत दिमाग के व्यक्ति का लीवर मिलने का इंतजार कर रहे थे।
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लेकिन यहां के डॉक्टरों ने उम्मीद जगाई कि बिना ब्लड ग्रुप मैच किए भी सफल प्रत्यारोपण हो सकता है। वह आगरा में 550 बच्चों का चैरिटेबल स्कूल चलाते हैं, जिसमें उनका बेटा शिक्षक है।