{"_id":"5908ace24f1c1b693c4427da","slug":"son-died-after-massage-of-mother-in-delhi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मां ने की मसाज तो बेटे की हो गई मौत, एड़ी में चोट के बाद हो रहा था दर्द ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां ने की मसाज तो बेटे की हो गई मौत, एड़ी में चोट के बाद हो रहा था दर्द
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 03 May 2017 04:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक युवक बैडमिंटन खेलते वक्त घायल हो गया था और उसकी ऐड़ी में फ्रैक्चर हो गया था। एक माह बाद जब प्लास्टर हटा इसके बाद भी दर्द था। दर्द से राहत के लिए युवक को मसाज की गई और यही उसकी मौत की वजह बनी।
विज्ञापन
एम्स के चिकित्सकों ने युवक की मौत की वजह से मसाज को बताया था और इसके बाद इस केस को हाल ही में मेडिको-लीगल जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
एम्स के फोरेंसिक विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चितरंजन बेहेरा ने बताया कि शव का जब पोस्टमार्टम किया गया तब पता लगा कि युवक के फेफड़े में रक्त का थक्का जमा हुआ है और यही उसकी मौत की वजह बनी थी।
विज्ञापन
प्लास्टर हटने के बाद भी जब युवक को दर्द था
डॉ. बेहेरा ने बताया कि ऐड़ी में फ्रैक्चर होने के बाद युवक को डीप वेन थ्रम्बोसिस (डीवीटी) हो गया। प्लास्टर हटने के बाद भी जब युवक को दर्द था तब उसे दर्द से राहत दिलाने के लिए मसाज किया जाता था।
चिकित्सकों का कहना है कि मसाज की वजह से ही रक्त का थक्का फेफड़े तक पहुंच गया और मौत की वजह बना। दिल्ली का 23 वर्षीय युवक को पिछले वर्ष 15 सितंबर को बैडमिंट खेलते वक्त ऐड़ी में फ्रैक्चर हो गया था।
17 अक्तूबर को उसका प्लास्टर जब हटा इसके बाद भी दर्द ठीक नहीं हुआ। जिसके बाद उसे मसाज दिया जाने लगा। 31 अक्तूबर को उसे बेचैनी हुई और छाती में दर्द होने लगा इसके बाद उसे एम्स के आपातकालीन विभाग में इलाज के लिए ले जाया गया। उसे कार्डियोपल्मोनरी रेस्यूसिएशन (सीपीआर) दी गई लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका था।
चिकित्सकों का कहना है कि मसाज की वजह से ही रक्त का थक्का फेफड़े तक पहुंच गया और मौत की वजह बना। दिल्ली का 23 वर्षीय युवक को पिछले वर्ष 15 सितंबर को बैडमिंट खेलते वक्त ऐड़ी में फ्रैक्चर हो गया था।
17 अक्तूबर को उसका प्लास्टर जब हटा इसके बाद भी दर्द ठीक नहीं हुआ। जिसके बाद उसे मसाज दिया जाने लगा। 31 अक्तूबर को उसे बेचैनी हुई और छाती में दर्द होने लगा इसके बाद उसे एम्स के आपातकालीन विभाग में इलाज के लिए ले जाया गया। उसे कार्डियोपल्मोनरी रेस्यूसिएशन (सीपीआर) दी गई लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका था।