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बेटे और पत्नी ने अंग प्रत्यारोपण कर बचाई राजोर की जान, डॉक्टरों ने दी संजीवनी
Wed, 19 Jun 2019 10:44 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 19 Jun 2019 10:44 PM IST
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पत्नी और बेटे के साथ राजोर रहमान
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती एक मरीज को एक साथ दो अंगों का प्रत्यारोपण करना पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार, मरीज को कई रोग होने के कारण लिवर और किडनी पूरी तरह खत्म हो चुके थे, जिनके लिए तत्काल प्रत्यारोपण की आवश्यकता थी।
चूंकि, मरीज का बेटा और पत्नी दाता बनने के लिए तैयार हो गए थे। इसलिए डॉक्टरों ने बगैर समय गंवाए मरीज के लिवर और किडनी का प्रत्यारोपण किया। 54 वर्षीय मरीज के बेटे ने लिवर और पत्नी ने किडनी देकर उनकी जान बचाई है।
अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. सुभाष गुप्ता ने बताया कि मुंबई निवासी राजोर रहमान की स्थिति काफी गंभीर थी। वे लंबे समय से मधुमेह ग्रस्त होने के अलावा लिवर और किडनी ने काम करना बंद कर दिया था। मोटापा, उच्च रक्तचाप के साथ भोजन नलिका को लेकर भी परेशानी थी।
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उनकी 46 वर्षीय पत्नी किश्व निषात ने किडनी और 25 वर्षीय बेटे शानूर रहमान ने लिवर दान किया है। डॉ. गुप्ता का कहना है कि प्रत्यारोपण के कुछ दिन तक निगरानी के बाद मरीज को छुट्टी दे दी गई है। फिलहाल वे स्वस्थ्य हैं।
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चूंकि, मरीज का बेटा और पत्नी दाता बनने के लिए तैयार हो गए थे। इसलिए डॉक्टरों ने बगैर समय गंवाए मरीज के लिवर और किडनी का प्रत्यारोपण किया। 54 वर्षीय मरीज के बेटे ने लिवर और पत्नी ने किडनी देकर उनकी जान बचाई है।
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अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. सुभाष गुप्ता ने बताया कि मुंबई निवासी राजोर रहमान की स्थिति काफी गंभीर थी। वे लंबे समय से मधुमेह ग्रस्त होने के अलावा लिवर और किडनी ने काम करना बंद कर दिया था। मोटापा, उच्च रक्तचाप के साथ भोजन नलिका को लेकर भी परेशानी थी।
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उनकी 46 वर्षीय पत्नी किश्व निषात ने किडनी और 25 वर्षीय बेटे शानूर रहमान ने लिवर दान किया है। डॉ. गुप्ता का कहना है कि प्रत्यारोपण के कुछ दिन तक निगरानी के बाद मरीज को छुट्टी दे दी गई है। फिलहाल वे स्वस्थ्य हैं।