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Delhi: एनडीएमसी की बैठक में सौरनीति-2022 को मंजूरी, पर्यावरण सुरक्षा के मामले में होगी आत्मनिर्भर
Thu, 29 Sep 2022 07:39 AM IST
अनुराग सक्सेना
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Thu, 29 Sep 2022 07:39 AM IST
सार
एनडीएमसी ने मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए जुर्माना राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस कड़ी में वह अपने एक्ट की धारा-390 में संशोधन करेगी। इसके बाद जुर्माना राशि 500 से बढ़ाकर 5000 रुपये अधिकतम की जाएगी।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने पर्यावरण की रक्षा करने और स्वयं को मिशनग्रीन के तहत एक आत्मनिर्भर बिजली उत्पादन बनाने के लिए शत-प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने का निर्णय लिया है। इस कड़ी में एनडीएमसी ने बुधवार को अपनी बैठक में सौरनीति-2022 को मंजूरी दी।
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इस नीति को दो साल के दौरान पूरी तरह लागू किया जाएगा। यह नीति एक किलोवाट या उससे अधिक की क्षमता वाली सौर ऊर्जा उत्पादन प्रणाली के लिए लागू होगी। इसके अलावा इस नीति के दायरे में एनडीएमसी के सभी बिजली उपभोक्ताओं और क्षेत्र में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना और संचालन करने वाली सभी संस्थाओं पर लागू होगी।
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एनडीएमसी का मानना है कि इस नीति से सरकारी संगठनों, सरकारी स्वामित्व वाले स्कूलों और अन्य शैक्षणिक/तकनीकी/अनुसंधान संस्थानों, छात्रावासों और प्रशिक्षण संस्थानों, फायर स्टेशनों, अस्पतालों/औषधालयों, दूतावास, स्टेडियम, पुल, सार्वजनिक शौचालय, बस स्टॉप, शेड, पार्किंग स्थल और केंद्र व राज्य सरकार के अन्य भवनों पर नेट मीटरिंग के साथ सौर संयंत्र लगाने को बढ़ावा मिलेगा।
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बैठक के बाद एनडीएमसी के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने बताया कि हमारा लक्ष्य पर्यावरण की रक्षा करना और एनडीएमसी को मिशनग्रीन के तहत एक आत्मनिर्भर बिजली उत्पादन निकाय बनाना है। इस कड़ी में एनडीएमसी लोगों को व्यक्तिगत स्तर पर सौर पैनलों के अधिकतम उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने का उद्देश्य है।
दूसरी ओर एनडीएमसी ने मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए जुर्माना राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस कड़ी में वह अपने एक्ट की धारा-390 में संशोधन करेगी। इसके बाद जुर्माना राशि 500 से बढ़ाकर 5000 रुपये अधिकतम की जाएगी। वहीं एनडीएमसी अब स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती अपने स्तर पर करने की तैयारी करेगी, क्योंकि एसएसएसबी उनके स्कूलों के लिए शिक्षकों की भर्ती नहीं कर रहा है। इस कारण शिक्षकों कम होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उसके स्कूलों में शिक्षकों के 298 पद रिक्त है।
बैठक में केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी व सतीश उपाध्याय ने शहीद भगत सिंह के नाम पर स्किल सेंटर का निर्माण करने का सुझाव दिया। इसके अलावा सभी स्कूलों में यथाशीघ्र आधुनिक बुनियादी ढांचा से सुसज्जित स्मार्ट बोर्ड, कुर्सी, टैबलेट, कंप्यूटर आदि भी उपलब्ध कराने और वेंडिंग और नॉन-वेंडिंग क्षेत्रों की स्थापना पर काम करने पर जोर दिया।
बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने की, लेकिन उनके बीच में ही जाने के बाद केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने अध्यक्षता की। बैठक में एनडीएमसी के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह भल्ला, विधायक वीरेंद्र सिंह कादियान, सदस्य कुलजीत चहल, विशाखा सैलानी व गिरीश सचदेवा और सचिव विक्रम सिंह मलिक ने भी शिरकत की।