सोहा अली को कैसे मिला बंदूक का लाईसेंस जब जांच करने पहुंची टीम तो गायब मिली फाईल
लाईसेंस मामले में सोहा अली फिर घिरी
- लोकायुक्त ने मामला दर्ज कर जांच के दिए आदेश
- अतिरिक्त उपायुक्त की जांच के बाद बंद थी फाईल
- उपायुक्त कार्यालय से सोहा अली प्रकरण की फाईल गायब
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कम आयु में लाईसेंसी हथियार रखने के मामले में फिल्म अभिनेत्री सोहा अली खान एक बार फिर घिर गई हैं। हरियाण के लोकायुक्त ने पुलिस आयुक्त को आदेश दिया है कि वह उनके खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करें।
बता दें कि वर्ष 2005 सोहा अली के नाम पर गुरुग्राम के उपायुक्त ने एक शस्त्र लाईसेंस जारी किया था। जिसे रखने का अधिकार उन्होंने नवाब पटौदी को दे रखा था। नवाब पटौदी झज्जर में हिरण का शिकार करने के आरोपी थी।
उस दौरान जांच में मामला सामने आया था। अलग-अलग संगठनों की ओर से उठाई गई आवाज पर उपायुक्त ने मामले की जांच मजिस्ट्रेटिव अधिकारी अतिरिक्त उपायुक्त अभय सिंह से कराई थी। जिसमें उन्होंने लिखा था कि लाईसेंस जारी होने में विभागीय लोगों की लापरवाही नहीं पायी गई।
उपायुक्त कार्यालय से सोहा अली की फाईल गायब
जिसके बाद फाईल बंद हो गई थी। दो दिन पहले लोकायुक्त हरियाणा की ओर से वन्य जीव समर्थक नरेश काद्यान की शिकायत पर पुलिस आयुक्त को मामला दर्ज करने का आदेया दिया है। जिसकी प्रति उन्होंने उपायुक्त गुरुग्राम, सिटी मजिस्ट्रेट, पटौदी थाना प्रभारी को भी भेजी है। लोकायुक्त क आदेश मिलने के बाद कमिश्नरी में हड़कंप है। वह सोहा अली पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है।
पुलिस को अब तक की जांच में पता चला है कि जिस समय का यह मामला है। उस समय लाईसेंस बनाने का अधिकार उपायुक्त के पास होता है। उपायुक्त कार्यालय में यह फाईल गायब बजायी जा रही है। पुलिस इस मामले से जुड़ी फाईल के लिए झज्जर पुलिस व पर्यावरण कोर्ट से जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी।
बिना प्रशासनिक लोगों की मिली भगत से कम आयु में किसी को लाईसेंस जारी नहीं किया जा सकता है। लोकायुक्त के आदेश के बाद पुलिस मामला दर्ज कर दोषी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे।-नरेश काद्यान अध्यक्ष पीपल फार एनिमल संस्था(शिकायत कर्ता)।