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सांप पकड़ने में इतना माहिर था, लोग कहते थे स्नेकमैन, मौत भी आई तो ऐसे...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दादरी
Updated Sun, 02 Sep 2018 04:08 PM IST
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फाइल फोटो
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किसी खेल में कोई कितना ही माहिर क्यों न हो, थोड़ी सी चूक पासा पलट देती है। नगर की दौलतराम कॉलोनी में शुक्रवार को एक सपेरे के साथ ऐसा ही कुछ हुआ और वह जिंदगी से हाथ धो बैठा।
दरअसल वह एक घर से कोबरा पकड़ने के बाद कपड़े में लपेटकर ले जा रहा था, रास्ते में सांप ने उसकी उंगली पर काट लिया। उसने खुद ही इलाज किया, लेकिन कारगर नहीं हुआ और उसकी मौत हो गई।
मूलरूप से जेवर निवासी सतवीर उर्फ सत्ते (45) नगर के दौलतराम कॉलोनी में परिवार सहित रहता था। परिवार में पत्नी 15 वर्षीय बेटी और दो बेटे हैं। मजदूरी के साथ ही वह लगभग 20 वर्षों से सांप पकड़ने का काम भी करता था।
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शुक्रवार को रेलवे रोड पर शराब के ठेके वाली गली में एक मकान में एक कोबरा निकलने की सूचना मिली। परिवार के लोगों ने सत्ते को बुलाया। उसने सांप को पकड़ लिया और कपड़े में लपेटकर अपने घर जा रहा था।
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दरअसल वह एक घर से कोबरा पकड़ने के बाद कपड़े में लपेटकर ले जा रहा था, रास्ते में सांप ने उसकी उंगली पर काट लिया। उसने खुद ही इलाज किया, लेकिन कारगर नहीं हुआ और उसकी मौत हो गई।
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मूलरूप से जेवर निवासी सतवीर उर्फ सत्ते (45) नगर के दौलतराम कॉलोनी में परिवार सहित रहता था। परिवार में पत्नी 15 वर्षीय बेटी और दो बेटे हैं। मजदूरी के साथ ही वह लगभग 20 वर्षों से सांप पकड़ने का काम भी करता था।
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शुक्रवार को रेलवे रोड पर शराब के ठेके वाली गली में एक मकान में एक कोबरा निकलने की सूचना मिली। परिवार के लोगों ने सत्ते को बुलाया। उसने सांप को पकड़ लिया और कपड़े में लपेटकर अपने घर जा रहा था।
रास्ते में सांप ने उसके हाथ की उंगली में काट लिया। उसने घर जाकर हाथ को कसकर बांध लिया और जड़ी-बूटी लगाकर घर के अन्य कार्य में लग गया। करीब तीन घंटे जहर का असर होने पर वह बेहोश हो गया।
परिजन उसे ग्रेटर नोएडा के खानपुर में सांप काटने का इलाज करने वाले वैध के पास ले गए, वैध ने उसे दवा दे दी, लेकिन देर रात उसकी मौत हो गई।
सैकड़ों सांप
सतवीर को सांप पकड़ने में महारथ हासिल थी। पिछले 20 वर्षों से दादरी में कहीं भी सांप निकलने की सूचना पर वह पहुंच जाता था। कई बार लोग उसे खुश होकर कुछ पैसे दे देते थे। लोगों ने बताया कि अब तक वह सैकड़ों सांप पकड़ चुका था।
इस दौरान उसे कई बार सांपों ने काटा भी था लेकिन वह वह स्वयं इलाज कर लेता था। शुक्रवार को भी उसने खुद ही इलाज किया लेकिन कामयाब नहीं हुआ।
परिजन उसे ग्रेटर नोएडा के खानपुर में सांप काटने का इलाज करने वाले वैध के पास ले गए, वैध ने उसे दवा दे दी, लेकिन देर रात उसकी मौत हो गई।
सैकड़ों सांप
सतवीर को सांप पकड़ने में महारथ हासिल थी। पिछले 20 वर्षों से दादरी में कहीं भी सांप निकलने की सूचना पर वह पहुंच जाता था। कई बार लोग उसे खुश होकर कुछ पैसे दे देते थे। लोगों ने बताया कि अब तक वह सैकड़ों सांप पकड़ चुका था।
इस दौरान उसे कई बार सांपों ने काटा भी था लेकिन वह वह स्वयं इलाज कर लेता था। शुक्रवार को भी उसने खुद ही इलाज किया लेकिन कामयाब नहीं हुआ।