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दिल्ली-एनसीआर में छंटने लगी धुंध, अस्पतालों में बढ़ने लगे मरीज, एम्स के हालात चिंताजनक
Wed, 06 Nov 2019 07:36 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 06 Nov 2019 07:36 PM IST
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pollution in delhi ncr
- फोटो : पीटीआई
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बीते दिनों के मुकाबले दिल्ली की आबोहवा से धुंध छंटने लगी है, लेकिन अस्पतालों में इसका असर कम नहीं हुआ है। दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और सफदरजंग अस्पताल में हालात बेहद चिंताजनक हैं।
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दोनों ही अस्पतालों को मिलाकर करीब 200 से ज्यादा मरीज सिर्फ काली खांसी, गले व सिर में दर्द और सांस लेने में तकलीफ की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें से कोई अस्थमा मरीज है तो कोई सीओपीडी से।
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डॉक्टरों का कहना है कि बहुत से ऐसे भी मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं जो अब तक स्वस्थ थे। इन्हें न मधुमेह है और न ही अस्थमा, बावजूद इसके सांस लेने में उन्हें जोर लगाना पड़ रहा है। कफ इत्यादि से परेशान हैं। दोनों अस्पतालों में मेडिसिन और पल्मोनरी विभाग की ओपीडी में सबसे ज्यादा भीड़ दिखाई दी।
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शरीर को अंदर से तोड़ रहा है दिल्ली का प्रदूषण
सफदरजंग अस्पताल के डॉ. महेश कुमार बताते हैं कि दिल्ली की हवा में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन मरीजों की स्थिति अभी भी वैसी ही है। वे बताते हैं कि ज्यादातर मरीजों में प्रदूषण का असर अब दिख रहा है। सांस लेने और काली खांसी के अलावा भी मरीजों को हल्का बुखार है। जिसकी वजह से वे कमजोरी महसूस कर रहे हैं।
मरीज हजारों में, लक्षण सभी में वहीं
दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने हाल ही में कहा था कि दिल्ली का प्रदूषण लोगों को घातक स्थिति में ला रहा है। लोगों को बहुत बीमार करने के लिए दिल्ली की हवा काफी है। पल्मोनरी विभाग की ओपीडी में डॉक्टरों का कहना है कि बीते कुछ दिनों में मरीज हजार की संख्या में पहुंच चुके हैं, लेकिन लक्षण लगभग सभी में एक जैसे ही देखने को मिल रहे हैं। ऐसे कई मरीज हैं जिन्हें गले में दर्द भी है, काली खांसी भी है। वे सांस भी सही से नहीं ले पा रहे हैं और उन्हें बुखार व सर्दी का जोर भी है। मौसम में बदलाव के साथ साथ प्रदूषण की दोहरी मार से मरीज परेशान हैं।
डॉक्टर से सलाह में न करें आलस
डॉक्टरों की अपील है कि दिल्ली के लोग सर्दी जुकाम, गले में दर्द को लेकर आलस न करें। तकलीफ होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें। अपने घर के नजदीक ही अस्पताल या क्लीनिक में पहुंच कर डॉक्टर से उपचार कराएं। बहुत से लोग ऐसा भी सोचते हैं कि सर्दी या प्रदूषण का विकार है कुछ दिन में ठीक हो जाएगा। हो सकता है वे ठीक भी हो जाएं, लेकिन ये भी हो सकता है कि वे किसी गंभीर रोग की चपेट में भी आ जाएं। इसलिए लोगों को डॉक्टर से सलाह जरूर लेना चाहिए।