JNU में स्वामी मामले पर स्मृति ने दी सफाई
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चार दिन की चुप्पी के बाद मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलपति के विवाद को थामने की कोशिश की है। उनका कहना है कि नाम कमेटी तय करेगी
साथ ही उन्होंने सुब्रह्मण्यम स्वामी की ज्यादा उम्र का सवाल उठाकर उनकी वाइस चांसलर पद पर नियुक्ति की अटकलों पर काफी हद तक विराम लगाने की कोशिश की है।
लेकिन स्वामी के बयानों से विश्वविद्यालय शनिवार को भी सरगर्म रहा। उनके बयानों पर जहां लेफ्ट समर्थक पुतला जला रहे हैं तो एबीवीपी ने विश्वविद्यालय का नाम बदलने के बीच वीर सावरकर व स्वामी विवेकानंद को पाठ्यक्रम में शामिल करने की नई मांग उठाकर माहौल गरमा दिया है।
जारी है अटकलों और शंकाओं का दौर
उधर, स्वामी भी ट्वीट कर लगातार चर्चा में बने हैं। उन्होंने जेएनयू के छात्रों व शिक्षकों को नक्सली बताकर व विवि का नाम बदलकर सुभाष चंद बोस के नाम पर करने का बयान दिया।
जानकारों का कहना है कि इस समय पर स्वामी का बयान, उनकी नियुक्ति की अटकलों को लेकर कुछ संकेत दे रहा है। स्मृति ने भी बेशक यह कहा है कि स्वामी की उम्र इस पद के अनुसार नहीं है लेकिन साथ ही उन्होंने इससे लेफ्ट के नेताओं की कथित परेशानी भी बयान कर दी।
एआईएसएफ की राहेला के मुताबिक, साबरमती ढाबे के बाहर सुब्रह्मण्यम स्वामी के बयानों के विरोध में पुतला जलाकर विरोध दर्ज कर दिया है। जल्द ही कैंपस में स्वामी विरोधी पोस्टर भी देखने को मिलेंगे।