फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Smart City will be ready in smart mobile phones now, the city will get a new identity

अब स्मार्ट सिटी में तैयार होंगे स्मार्ट मोबाइल फोन, शहर को मिलेगी नई पहचान

Fri, 16 Sep 2016 12:13 AM IST
योगेश शर्मा/अमर उजाला, फरीदाबाद
योगेश शर्मा/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Fri, 16 Sep 2016 12:13 AM IST
विज्ञापन
Smart City will be ready in smart mobile phones now, the city will get a new identity
फरीदाबाद शहर - फोटो : फाइल फोटो

ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री का हब कहे जाने वाले औद्योगिक शहर फरीदाबाद में मदर यूनिट की आस भले ही पूरी न हो सकी हो, लेकिन अब यह शहर अपनी नई पहचान बनाने जा रहा है। 

विज्ञापन


इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) में 50 एकड़ जमीन पर चाइना की मोबाइल निर्माता कंपनी जियोनी असेंबलिंग प्लांट स्थापित करने जा रही है। 

शुरुआत में कंपनी ने 500 करोड़ रुपये के निवेश के लिए हरियाणा सरकार से समझौता किया है। कंपनी अगले दो साल में इस प्लांट को शुरू करने की तैयारी में है।

फरीदाबाद को मैन्युफैक्चरिंग हब कहा जाता है। जिले में चल रहे तकरीबन 10 हजार छोटे-बड़े ऑटो कंपोनेंट्स तैयार करने वाले उद्योगों को हरियाणा की ही नहीं बल्कि पूरे देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की रीढ़ कहा जाता है। 
विज्ञापन


देश और विदेश की बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों को ज्यादातर कलपुर्जों की सप्लाई यहीं से की जाती है, लेकिन 70-80 के दशक में एशिया के मैनचेस्टर के रूप में डंका बजाने वाला यह शहर अब अपनी पहचान खोता जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लंबे समय से स्थानीय उद्यमी मदर यूनिट की मांग उठा रहे हैं। हालांकि, ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी नई मदर यूनिट हाल-फिलहाल फरीदाबाद में स्थापित होने की संभावना नहीं दिख रही है लेकिन आईटी इंडस्ट्री के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहे एनसीआर के गुड़गांव, नोएडा व ग्रेटर नोएडा की बराबरी पर फरीदाबाद को खड़ा करने की तैयारी सरकार ने कर दी है। 

हैदराबाद और ग्रेटर नोएडा के बाद चाइना की जियोनी कंपनी भारतीय बाजार में अपनी पकड़ बनाने के लिए बड़ा असेंबलिंग प्लांट लगाना चाहती थी। इसके लिए लंबे समय से जमीन की तलाश की जा रही थी। 

कंपनी ने दिल्ली से सटे फरीदाबाद में अपने कारोबार को रफ्तार देने की योजना बनाई है। कंपनी ने शुरुआत में आठ हजार मोबाइल हर माह असेंबल करने का लक्ष्य रखा है, जिससे करीब आठ हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। 

जानकारों की मानें तो फरीदाबाद से रोजाना 30 से 40 हजार युवा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुड़गांव की आईटी कंपनियों में रोजगार के लिए जाते हैं। फरीदाबाद में ही आईटी कंपनियां आएंगी तो यहां इस सेक्टर में भी रोजगार के रास्ते खुलेंगे।

सरकार के सामने कई चुनौतियां
भारतीय बाजार के लिए चुनौती बन रहे चीन की बड़ी मोबाइल निर्माता कंपनी को फरीदाबाद में बनाए रखना राज्य सरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। 

कंपनी अपनी शुरुआती योजना में सफल रही तो भविष्य में यहां निवेश की सीमा बढ़ाकर 1500 करोड़ रुपये की जाएगी। इसके साथ ही करीब 28 हजार लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य भी है।

इतना ही नहीं असेंबलिंग से आगे बढ़ कंपनी यहीं मैन्युफैक्चरिंग भी करेगी लेकिन ऐसा बेहतर माहौल मिलने पर ही हो पाएगा। वैसे पुराने उद्योग बिजली, सड़क, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए अभी तरस रहे हैं। 

नजदीकी शहर नोएडा-ग्रेटर नोएडा से बेहतर कनेक्टिविटी न होना भी इस  शहर के विकास में बड़ी बाधा बना है। इसके अलावा स्किल्ड लेबर का अभाव भी औद्योगिक विकास में बड़ी अड़चन है। 

एमएसएमई की बढ़ी आस
जियोनी कंपनी ने प्रस्तावित असेंबलिंग प्लांट के विस्तार के बाद 30 मिलियन डिवाइस हर साल तैयार करने की योजना बनाई है। इसके अलावा मोबाइल के अधिकांश पार्ट्स भी यहीं तैयार करने की योजना है। 


जानकारों की मानें तो शुरुआती दौर में असेंबलिंग प्लांट लगने से ऑटोमोबाइल पर आश्रित शहर की पैकेजिंग इंडस्ट्री के अलावा शीट मेटल व इलैक्ट्रोप्लेटिंग इंडस्ट्री को भी ऑक्सीजन मिलेगी। इसके साथ ही ट्रांसर्पोटेशन का कारोबार भी बढ़ेगा।

फरीदाबाद के उद्योग एक नजर में:
-20,000 उद्योग हैं फरीदाबाद में।
-2800 आईएसओ सर्टिफाइड उद्योग।
-3.20 लाख श्रमिक सरकारी रिकॉर्ड में।
-9800 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed