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जामिया के छह हॉस्टलों में परोसा जा रहा घटिया खाना, कोर्ट सख्त

Mon, 14 Sep 2015 03:13 AM IST
Updated Mon, 14 Sep 2015 03:13 AM IST
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six hostels being served lousy food in Jamia

हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के जामिया मिल्लिया इस्लामिया से जुड़े स्कूलों के छह हॉस्टल में 300 छात्रों को घटिया व खराब खाना देने के मामले को गंभीरता से लिया है।

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अदालत ने जामिया के वाइस चांसलर को व्यक्तिगत रूप से इस मामले को देखने व रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी व न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ ने इंडियन काउंसिल ऑफ लीगल एड एंड एडवाइज के महासचिव आरके सैनी द्वारा दायर जनहित याचिका पर यह निर्देश दिया।
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खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह गंभीर मामला है कि देश व विदेशों से शिक्षा ग्रहण करने आए संबधित बच्चों को पैसे देने के बावजूद पौष्टिक खाना नहीं मिलता। अदालत ने विश्वविद्यालय को 30 सितंबर तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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वाइस चांसलर स्वयं व्यक्तिगत रूप से मामले को देख रहे हैं

six hostels being served lousy food in Jamia

जामिया की और से पेश अधिवक्ता ने आश्वासन दिया कि बच्चों की शिकायत पर तुरंत ध्यान दिया जाएगा और वाइस चांसलर स्वयं व्यक्तिगत रूप से मामले को देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब यदि किसी को भी शिकायत है तो वे सीधे वाइस चांसलर से संपर्क कर शिकायत कर सकता है।


इससे पूर्व याची सैनी की और से पेश अधिवक्ता अवध कौशिक ने अदालत को बताया कि जामिया केंद्रीय विश्वविद्यालय है। इससे जुड़े तीन स्कूलों में देश-विदेश के करीब तीन हजार छात्र शिक्षा प्राप्त करते हैं।

बाहर से आए हुए छात्रों के लिए छह हॉस्टल जौहर मंजिल, हाली मंजिल, साद मंजिल, शफीक मंजिल, असलम मंजिल, अजमल मंजिल व इकबाल मंजिल में बच्चों के रहने व खाने पीने की व्यवस्था है।

प्रति माह 2200 रुपये लिए जाते हैं

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उन्होंने कहा कि हास्टल में हर बच्चे से प्रति माह 2200 रुपये लिए जाते हैं, बावजूद उन्हें गुणवत्ता युक्त खाना प्रदान नहीं किया जाता। कई शिकायतें करने के बावजूद कोई सुधार नहीं है।


वहीं दूसरी तरफ कॉलेज के छात्रों से दो हजार रुपये लिए जाते हैं और उनको अच्छा खाना दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे प्रकार से रवैये से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय की छवि खराब हो रही है और छात्रों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

ऐसे में कैंटीन के ठेकेदार का लाइसेंस रद्द करने, वाइस चांसलर को पूरे मामले की जांच करवाकर जिम्मेदारी तय करने का निर्देश दिया जाए।

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