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दिल्ली के शाहदरा में 44 लाख की लूट: छह आरोपी गिरफ्तार, 26.41 लाख रुपये और पिस्तौल बरामद
Tue, 27 Oct 2026 03:40 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
नई दिल्ली, पीटीआई
नई दिल्ली, पीटीआई
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Tue, 27 Oct 2026 03:40 PM IST
सार
दिल्ली के शाहदरा में 44 लाख रुपये की दिनदहाड़े लूट के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 26.41 लाख रुपये, पिस्तौल और मैगजीन बरामद हुई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली पुलिस ने शाहदरा में दिनदहाड़े हुई 44 लाख रुपये की सशस्त्र लूट के मामले में कथित मुख्य आरोपी समेत सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने 26.41 लाख रुपये से अधिक की नकदी और एक पिस्तौल बरामद की है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
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अधिकारी के अनुसार, लूट की वारदात 27 अगस्त को हुई थी। शिकायतकर्ता से बंदूक की नोक पर 44 लाख रुपये से भरा बैग छीन लिया गया था। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी सत्यम विश्वकर्मा उर्फ डेविल को 16 अक्तूबर को उत्तर प्रदेश से प्रोडक्शन वारंट पर दिल्ली लाए जाने के बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में लिया गया। इस दौरान उसने जांचकर्ताओं को उस हथियार तक पहुंचाया, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर लूट में किया गया था।
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पुलिस के मुताबिक, 18 अक्तूबर को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में गोमती कुरवार पुल के पास हलियापुर-कुरवार रोड के किनारे झाड़ियों से पिस्तौल और उसकी मैगजीन बरामद की गई। आरोप है कि फरार होते समय मुख्य आरोपी ने हथियार वहीं फेंक दिया था।
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पुलिस ने बताया कि मामले में गिरफ्तार अन्य पांच आरोपियों की पहचान प्रणजय तिवारी, सरब तिवारी उर्फ प्रफुल, अम्बरीश तिवारी उर्फ चंचल, गौरव तिवारी और राम जीत के रूप में हुई है। जांच के अनुसार, प्रणजय ने कथित तौर पर अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका निभाई। उसने नकदी ले जाने के समय की जानकारी उपलब्ध कराई, जिससे लूट की वारदात को अंजाम देने में मदद मिली।
आरोप है कि सरब ने प्रणजय का संपर्क वारदात को अंजाम देने वाली टीम से कराया, जबकि अम्बरीश लूट के दौरान मुख्य आरोपी के साथ था। गौरव ने कथित तौर पर आरोपियों के ठहरने की व्यवस्था की, जबकि राम जीत ने भागने के लिए वाहन उपलब्ध कराया और आरोपियों को गिरफ्तारी से बचने में मदद की। जांच के शुरुआती चरण में पुलिस ने 3.90 लाख रुपये बरामद किए थे। इसके अलावा, वारदात में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई एक कार और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए थे।
इसके बाद सुल्तानपुर में चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी की 19 वर्षीय बहन के कब्जे से 22.51 लाख रुपये और बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार, चोरी की नकदी छिपाने में कथित तौर पर मदद करने के आरोप में उसे पाबंद किया गया।
पुलिस ने बताया कि मामले में अब तक कुल 26,41,500 रुपये बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान उत्तर प्रदेश में लगातार छापेमारी की गई और आरोपियों के साथ-साथ लूटी गई रकम का भी दूसरे राज्यों तक पता लगाने का प्रयास किया गया। मुख्य आरोपी को अब न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश में पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट, आपराधिक धमकी और धोखाधड़ी से संबंधित मामले शामिल हैं। इस मामले में एमएस पार्क थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।