फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   SIT to uncover the blue helmet secret in delhi violence

दिल्ली हिंसाः नीले हेलमेट के राज से पर्दा उठाने में जुटी एसआईटी

Thu, 05 Mar 2020 06:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 05 Mar 2020 06:06 AM IST
विज्ञापन
SIT to uncover the blue helmet secret in delhi violence
demo pic - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एसआईटी उत्तर-पूर्वी जिले की हिंसा में नीले हेलमेट के राज से पर्दा उठाने में लगी है। इनका हिंसा करने वालों ने इस्तेमाल किया था। एसआईटी की जांच में पता चला है कि चांद बाग, दयालपुर, करावल नगर और गोकलपुरी समेत कई इलाकों में नीले हेलमेट बांटे गए थे। 

विज्ञापन


इनमें से कुछ बरामद भी किए गए हैं। दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूट को लेकर मिले इनपुट में फंस गई थी। इसी बीच उत्तर-पूर्वी जिले में हिंसा बेकाबू हो गई। अनुमान है कि हिंसा के समय दिल्ली की 80 फीसदी पुलिस ट्रंप की सुरक्षा व रूट प्रबंधन में लगी थी।
विज्ञापन


अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया है कि जांच में देखा जाएगा कि नीले हेलमेट क्यों और किसने बांटे थे। ये हेलमेट कहां से और कौन लेकर आया था। दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस आंतरिक रूप से यह जांच भी कर रही है कि उत्तर-पूर्वी जिले में हिंसा क्यों बढ़ती चली गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि खुफिया विभाग ने इनपुट दिए थे कि सीएए का विरोध करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूट में घुसकर बवाल खड़ा कर सकते हैं। इससे देश की छवि खराब हो सकती है। इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस के 80 फीसदी अधिकारियों व कर्मियों को ट्रंप के रूट व सुरक्षा में तैनात कर दिया गया था।

पुलिस अधिकारियों को लगा कि उत्तर-पूर्वी जिले में हुई हिंसा उसका ध्यान भटकाने के लिए हुई है। ताकि वे उत्तर-पूर्वी जिले में लग जाएं और सीएए विरोधी ट्रंप के रूट में घुस जाएं। यह समझना ही भारी पड़ गया। अधिकारियों ने शुरुआती हिंसा को गंभीरता से नहीं लिया। जब तक दिल्ली पुलिस को समझ आया कि हिंसा का ट्रंप के रूट आदि से कोई लेना-देना नहीं है, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हिंसा पूरे जिले में फैल चुकी थी।


अर्धसैनिक बलों ने पाया हिंसा पर काबू
दिल्ली पुलिस के अधिकारी मानते है कि उत्तर-पूर्वी जिले में हिंसा उस समय काबू में आई थी, जब 25 फरवरी की रात को अर्धसैनिक बलों को जिले में उतारा गया था। इसके बाद से जिले में हिंसा पर काबू होता चला गया। जब तक दिल्ली पुलिस जिले में थी, तब तक हिंसा काबू नहीं हुई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed