Delhi News: तो इस वजह से प्रवीण ने अपने तीन पुलिस साथियों को उतारा मौत के घाट, उसकी चेतावनी को नजरअंदाज करना पड़ा भारी
प्रबीण अपनी पत्नी से फोन पर बात करना चाह रहा था। लेकिन उसकी पत्नी फोन नहीं उठा रही थी। जिसकी वजह से वह काफी परेशान हो गया था। इसी दौरान एक साथी ने उस पर व्यक्तिगत टिप्पणी कर दी। जिसके बाद उनके बीच कहासुनी होने लगी और बात हाथापाई तक पहुंच गई।
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बैरक में रहने के दौरान सभी जवान आपस में मजाक करते थे। लेकिन उन्हें पता नहीं था कि छोटा सा मजाक उनके लिए जानलेवा साबित होगा। आरोपी ने बताया कि बैरक में उसके साथ रहने वाले पिंटो नामग्याल भूटिया, धनहांग सुब्बा और इंद्र लाल छेत्री अकसर उसकी खिचाई करते थे। हर बात पर उसके साथ मजाक करने लगते थे। हालांकि उसने कई बार ऐसा करने से मना भी किया था।
पुलिस सूत्रों की माने तो आरोपी प्रबीण की 10 दिन पहले ही जल शोधन संयंत्र में तैनाती की गई थी। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसका अपनी पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। जिसको लेकर वह मानसिक रूप से परेशान था। दूसरी तरफ जब से वह यहां आया था, उसके साथ रहने वाले तीनों साथी उससे अकसर मजाक कर उसे परेशान करते रहते थे। उसने इसको लेकर अधिकारियों से भी शिकायत की थी। साथ ही तीनों को बार बार इस तरह से खिचाई करने से मना किया था। लेकिन तीनों ने उसकी चेतावनी को नजर अंदाज कर दिया था और वह उस पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी कर देते थे।
बताया जा रहा है कि सोमवार दोपहर में प्रबीण अपनी पत्नी से फोन पर बात करना चाह रहा था। लेकिन उसकी पत्नी फोन नहीं उठा रही थी। जिसकी वजह से वह काफी परेशान हो गया था। इसी दौरान एक साथी ने उस पर व्यक्तिगत टिप्पणी कर दी। जिसके बाद उनके बीच कहासुनी होने लगी और बात हाथापाई तक पहुंच गई। फिर गुस्से में आकर लांस नायक ने अपनी सर्विस राइफल से तीनों को पास से गोली मार दी। गोलियों की आवाज सुनकर जब तक अन्य पुलिसकर्मी वहां पहुंचे, लांस नायक वहां से निकलने के बाद पास में स्थित समयपुर बादली थाने पहुंच गया। वहां पहुंचने के बाद उसने बताया कि वह अपने तीन साथियों की गोली मारकर हत्या कर दी है और वह आत्मसमर्पण करना चाहता है।
एक सिपाही ने भागने की कोशिश की, लेकिन वह भाग नहीं पाया
प्रबीण ने कहासुनी और हाथापाई करने के दौरान अपना राइफल उठा लिया और पिंटो नामग्याल भूटिया और इंद्र लाल छेत्री को गोली मार दी। प्रबीण के सिर पर खून सवार हो गया था। प्रबीण के गुस्से को देखकर धनहांग सुब्बा कमरे से बाहर भाग गए और खुद को कमरे के बाहर बाथरूम में छुपाने की कोशिश करने लगे। लेकिन प्रबीण ने बाथरूम के दरवाजे के पास ही उन्हें गोलियों से भून दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि दो लोगों का शव कमरे में पड़ा है और जबकि सुब्बा बाथरूम में पड़े हैं। उनकी मौत नहीं हुई थी। पुलिस ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मरने वाले सभी जवानों के परिवार वालों को घटना की जानकारी दे दी गई है और उनके दिल्ली आने के बाद शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।