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सिख दंगा पीड़ितों ने ‘राजीव’ नाम पर पोती कालिख, राजीव चौक का नाम भगत सिंह चौक रखने की उठाई मांग

Wed, 26 Dec 2018 07:41 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 26 Dec 2018 07:41 PM IST
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sikh riots victims soot at rajiv chowk sign board in delhi
कनॉट प्लेस पर लगा राजीव चौक का साइन बोर्ड - फोटो : twitter

पंजाब के लुधियाना में राजीव गांधी की मूर्ति पर कालिख पोतने के बाद सिख दंगा पीडितों ने राजधानी के कनाट प्लेस में बने राजीव चौक के साइन बोर्ड पर ‘राजीव’ नाम पर कालिख पोत दी। पीड़ित परिवारों ने नारेबाजी कर राजीव चौक का नाम बदलकर शहीद भगत सिंह चौक करने की मांग की। उधर, प्रदेश कांग्रेस ने इस घटना पर चुप्पी साध ली है, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि यह गलत काम है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1984 दंगे की पीड़ित महिलाएं और अन्य लोग दोपहर में कनाट प्लेस पहुंचे। उन्होंने काले रंग के स्प्रे के जरिये बोर्ड पर लिखे ‘राजीव’ नाम पर कालिख पोत दी। इसके बाद उन्होंने बोर्ड पर चप्पलों की माला डाली और राजीव गांधी के खिलाफ नारेबाजी की। पूरी घटना इसके बावजूद हुई, जबकि पूरे इनर सर्किल में पुलिस का कड़ा पहरा रहता है। इसके तुरंत बाद पीड़ित परिवार वहां से चले गए।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन इन दिनों दिल्ली से बाहर हैं। जब उनसे इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे इस मामले को देखेंगे। दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने इस संबंध में पूछने पर कहा कि वे इस मुद्दे पर बाद में बात करेंगी।
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उधर, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव और भाजपा विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि वे इसे न तो उचित ठहरा सकते हैं और न ही इसकी निंदा करते हैं।

सिरसा ने कहा कि 34 वर्ष से लोगों का गुस्सा दबा हुआ है। यह उसका ही परिणाम है। सिरसा ने कहा कि सज्जन कुमार को अदालत से सजा मिलने के बाद भी कांग्रेस ने उसे पार्टी से नहीं निकाला, बल्कि सज्जन से स्वयं त्यागपत्र दिया है।


इतना ही नहीं, कांग्रेस अब भी जगदीश टाइटलर व कमलनाथ को संरक्षण दे रही है। ऐसे में लोग अपना गुस्सा भी जाहिर न करें, ऐसा कैसे हो सकता है। अकाली दल हमेशा पीड़ितों के हक में आवाज उठाता रहेगा और हम उनके साथ खड़े हैं।

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