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रिश्वत लेने के मामले में एसआई को चार साल की कैद
Tue, 29 Oct 2019 04:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 29 Oct 2019 04:01 AM IST
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पटियाला हाउस अदालत ने रिश्वत लेने के आरोप में दिल्ली पुलिस के उपनिरीक्षक (एसआई) को चार साल कैद की सजा सुनाई है। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने आपराधिक मामले से नाम हटाने के लिए चार लाख की रिश्वत मांगी थी और अदालत के आदेश के बावजूद आरोपी को हिरासत में नहीं लिया था।
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विशेष न्यायाधीश संतोष स्नेही मान ने इस मामले में दिल्ली पुलिसकर्मी दयाराम को भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए चार साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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अदालत ने अपने आदेश में कहा, ‘अभियोजन पक्ष ने संदेह से परे सफलतापूर्वक यह साबित कर दिया है कि दयाराम ने चाणक्यपुरी थाने में उपनिरीक्षक रहने के दौरान शिकायतकर्ता से आपराधिक मामले में उसका नाम हटाने के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत ली।’
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अभियोजन ने अदालत ने कहा कि उपनिरीक्षक दयाराम फर्जी दस्तावेज तैयार करने और इनका इस्तेमाल करने के मामले में शिकायतकर्ता हरबंस सिंह के खिलाफ जांच कर रहा था। हरबंस सिंह के खिलाफ अमेरिकी दूतावास की ओर से मामला दर्ज कराया गया था।
इस मामले से हरबंस का नाम हटाने के लिए उपनिरीक्षक ने उससे चार लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इस बाबत सिंह ने उपनिरीक्षक के खिलाफ 2014 में सीबीआई के पास शिकायत दर्ज कराई थी।
इस मामले जब उपनिरीक्षक रिश्वत के हिस्से के रूप में 50 हजार रुपये रहा था, तभी सीबीआई ने उसे दबोच लिया था। हालांकि, पुलिस उपनिरीक्षक ने खुद पर लगे आरोपों से इनकार किया था।
मुकदमे के दौरान की गई जांच में पाया गया कि आपराधिक मामले में सिंह को गिरफ्तार करने के आदेश के बावजूद उपनिरीक्षक दयाराम ने हरबंस को हिरासत में नहीं लिया, जबकि उसे हिरासत में लेने के बजाय वह उस से चंडीगढ़ में मिला और केवल नोटिस जारी किए।