{"_id":"685c98c37f7d49a1c20bb068","slug":"shubhanshu-shukla-air-show-in-childhood-showed-me-the-dream-of-flying-in-the-sky-2025-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shubhanshu Shukla : बचपन में एयर शो ने दिखाया आसमान में उड़ने का सपना, बहन ने बताए शुभांशु के इरादे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shubhanshu Shukla : बचपन में एयर शो ने दिखाया आसमान में उड़ने का सपना, बहन ने बताए शुभांशु के इरादे
Thu, 26 Jun 2025 06:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 26 Jun 2025 06:18 AM IST
सार
शुभांशु को शक्स के नाम से भी जाना जाता है। शुभांशु की बड़ी बहन शुचि शुक्ला ने कहती हैं कि बचपन में वह एक बार एयर शो देखने गया था। उसके बाद से वह विमानों की गति और ध्वनि से मोहित हो गया।
विज्ञापन
शुभांशु शुक्ला
- फोटो : ANI
विस्तार
यूपी के लखनऊ में जन्मे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने पूरे देश की उम्मीदों को नए पंख दिए हैं। वायुसेना के अनुभवी फाइटर पायलट शुभांशु अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।
शुभांशु को शक्स के नाम से भी जाना जाता है। शुभांशु की बड़ी बहन शुचि शुक्ला ने कहती हैं कि बचपन में वह एक बार एयर शो देखने गया था। उसके बाद से वह विमानों की गति और ध्वनि से मोहित हो गया। एयर शो के बाद ही शुभांशु ने आसमान में उड़ने का सपना संजो लिया था। हालांकि उस समय कोई नहीं जानता था कि उसका यह सपना इतनी जल्दी पूरा होगा।
2019 में गगनयान के लिए चुने गए
शुभांशु को 2019 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने देश के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक के रूप में चुना। उन्होंने रूस के यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में 2019-2021 के बीच कठिन प्रशिक्षण लिया।
विज्ञापन
पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें 27 फरवरी, 2024 को अंतरिक्ष यात्री विंग्स दिए थे। शुभांशु को वायुसेना में विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों को 2,000 घंटों से अधिक उड़ाने का अनुभव हासिल है।
विज्ञापन
शुभांशु को शक्स के नाम से भी जाना जाता है। शुभांशु की बड़ी बहन शुचि शुक्ला ने कहती हैं कि बचपन में वह एक बार एयर शो देखने गया था। उसके बाद से वह विमानों की गति और ध्वनि से मोहित हो गया। एयर शो के बाद ही शुभांशु ने आसमान में उड़ने का सपना संजो लिया था। हालांकि उस समय कोई नहीं जानता था कि उसका यह सपना इतनी जल्दी पूरा होगा।
विज्ञापन
2019 में गगनयान के लिए चुने गए
शुभांशु को 2019 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने देश के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक के रूप में चुना। उन्होंने रूस के यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में 2019-2021 के बीच कठिन प्रशिक्षण लिया।
विज्ञापन
पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें 27 फरवरी, 2024 को अंतरिक्ष यात्री विंग्स दिए थे। शुभांशु को वायुसेना में विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों को 2,000 घंटों से अधिक उड़ाने का अनुभव हासिल है।