अदालत का बड़ा फैसला, महिला को मिडिल फिंगर दिखाने पर हो सकती है तीन साल की जेल
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किसी भी महिला को मिडिल फिंगर दिखाना, उसकी अस्मिता को ठेस पहुंचाने का कृत्य है। ऐसे कृत्य महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं। ऐसे ही एक मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने एक महिला के देवर को जेल भेज दिया है। इस मामले में आरोपी को तीन साल की सजा भी सुनाई जा सकती है, हालांकि अदालत अपना फैसला मंगलवार को सुनाएगी।
साकेत कोर्ट की महानगर दंडाधिकारी वसुंधरा आजाद ने मामले की सुनवाई करते हुए टिप्पणी की कि हाथ या चेहरे से किसी भी महिला की ओर अभद्र इशारा करना असामाजिक कृत्य है। अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति में बिना किसी शक के यह कहा जा सकता है कि इस तरह की हरकत महिला की अस्मिता को ठेस पहुंचाती है और उसका अपमान करती है।
उल्लेखनीय है कि यह मामला 21 मई 2014 का है। इस मामले में महिला ने अपने ही देवर पर आरोप लगाया था कि उसने उसकी ओर मिडिल फिंगर से अभद्र इशारा किया, थप्पड़ मारा और चेहरे से गंदे इशारे किए थे। पीड़िता की शिकायत पर उसके देवर के खिलाफ आईपीसी की धारा 509 और 323 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
हालांकि इस मामले में अदालत ने आरोपी को 9 अक्तूबर 2015 को इस मामले में दोषी ठहराया था, लेकिन आरोप ने खुद बेकसूर बताते हुए सभी आरोपों का खंडन किया था और अदालत के फैसले को गलत बताते हुए चुनौती दी थी। इस मामले में पीड़िता ने संपत्ति विवाद के चलते इस घटना को अंजाम देने का आरोप भी लगाया था, लेकिन इस आरोप के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य या सत्यता की कमी के चलते अदालत ने इस आरोप को खारिज कर दिया था।