दिल्ली में इंसानियत शर्मसार: जूते ठीक करने वाले ने बोर्ड पर लिखावा 'वर्मा', वकील ने धमाकर हटवाया; कहे अपशब्द
ये वाकया पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर स्थित अपार्टमेंट के बाहर का है। पीड़ित अपार्टमेंट के बाहर जूते ठीक करने की दुकान चलाता है। पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।
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देश की राजधानी दिल्ली में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां एक दबंग अधिवक्ता को जूता ठीक करने वाले मोची का अपने नाम के आगे ‘वर्मा’ लिखना पसंद नहीं आया। उसने न केवल पीड़ित को धमकाकर जबरन उनके बोर्ड से वर्मा नाम हटवा दिया। मामला सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ तो पुलिस पीड़ित के पास पहुंची। छानबीन के बाद पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट व अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
पीड़ित मूलरूप से राजस्थान के रहने वाले राम अवतार वर्मा अपने परिवार के साथ पीर वाली गली, पटपड़गंज इलाके में रहते हैं। वह पांडव नगर स्थित आनंद लोक सोसायटी के बाहर जूते रिपेयर करने का काम करते हैं। दुकान के भीतर उन्होंने एक बोर्ड पर अपना नाम राम अवतार वर्मा लिखा हुआ है।
सोसायटी के पास हिन्दुस्तान अपार्टमेंट है। अधिवक्ता जीएल वर्मा भी वहीं रहते हैं। पीड़िता का आरोप है कि अधिवक्ता पिछले करीब पांच-छह माह से उनके पास आ रहे थे। एक दिन उन्होंने उसके बोर्ड पर वर्मा लिखा देखा तो उसे धमकाते हुए आपत्तिजनक शब्द कहे और बोर्ड से वर्मा सरनेम हटाने को कहा। ऐसा न करने पर पिटाई करने के अलावा दुकान फिकवाने की धमकी दी। आरोपी अधिवक्ता ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
पीड़ित से अभद्रता का जब स्थानीय लोगों को पता चला तो उन्होंने पूरी वारदात को राम अवतार के फोटो और वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामला संज्ञान में आने पर पुलिस पांच मार्च को उनकी दुकान पर पहुंची। छानबीन के बाद 16 मार्च को लिखित शिकायत लेकर मामला दर्ज कर लिया।