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सिख दंगा मामला: टाइटलर को बड़ा झटका, फिर होगी CBI जांच

Sat, 05 Dec 2015 10:06 AM IST
Updated Sat, 05 Dec 2015 10:06 AM IST
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shock to tytler in Sikh riots case,  CBI would be re-examined case

पुलबंगश सिख दंगा मामले में शुक्रवार को कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर को झटका लगा है। टाइटलर के पक्ष में पेश क्लोजर रिपोर्ट अस्वीकार करते हुए कोर्ट की निगरानी में जांच करने का निर्देश दिया है।

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आर्म्स डीलर अभिषेक वर्मा के बयान की सच्चाई जानने का निर्देश भी सीबीआई को दिया है। सीबीआई ने सिख दंगा मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए टाइटलर को क्लीन चिट दी थी।
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जबकि सुरेश कुमार पानेवाला के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं में चार्जशीट पेश की थी। अदालत ने पानेवाला को 20 अगस्त 2014 को हत्या समेत सभी आरोपों से बरी कर दिया था।
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सीबीआई की तीसरी क्लोजर रिपोर्ट खारिज

shock to tytler in Sikh riots case,  CBI would be re-examined case

कड़कड़डूमा जिला अदालत के एसीएमएम एसपीएस ललेर ने सीबीआई की तीसरी क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करते हुए आगे जांच करने का निर्देश दिया है।


सीबीआई ने सिख दंगा मामले में टाइटलर को क्लीन चिट दी थी। इसे दंगों में मारे गए बादल सिंह की पत्नी लोकेंदर कौर ने चुनौती दी थी।

अदालत ने सीबीआई को अभिषेक वर्मा के उस दावे की सच्चाई जानने का निर्देश दिया है, जिसमें उसने टाइटलर द्वारा गवाहों को प्रभावित करने की बात कही थी। सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट में अभिषेक वर्मा को गवाह के तौर पर शामिल किया था।

इस वजह से लगा ये बड़ा झटका

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सीबीआई के समक्ष अभिषेक ने कहा था कि टाइटलर ने उससे 2008 में कहा था कि वह तत्कालीन प्रधानमंत्री से मिला था, जिसके बाद उसे सिख दंगा मामले में सीबीआई से क्लीन चिट मिल गई थी।


वर्मा ने कहा था कि टाइटलर ने 2004-05 में सरदार सुरेंद्र सिंह ग्रंथी को बड़ी रकम  देकर व उसके बेटे नरेंद्र सिंह को विदेश में सेटल करवाकर बयान बदलवाने की कोशिश की थी। अदालत ने मामले में आगे जांच करते हुए अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज करने का निर्देश दिया है।

 दंगा पीड़ितों के अधिवक्ता एचएस फूलका ने अपनी दलील में कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करना चाहिए। एजेंसी की जांच इस मामले में दोषपूर्ण व पक्षपात पूर्ण है।

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