हत्यारे बेटे के साथ थाने पहुंची मां, फिर...
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शिव कालरा, उम्र 18 साल, पहले नैनीताल के बोर्डिंग स्कूल में पढ़ता था, पिता की अचानक मौत के चलते तीन साल पहले स्कूल छोड़ दिल्ली वापस आया, यहां घर के ही पास एक पब्लिक स्कूल में दाखिला लिया। यहीं पर उसकी दोस्ती कुछ लोगों से हुई। इस दोस्ती की चर्चा आज पूरी दिल्ली में है। इस दोस्ती की सच्चाई किसी की भी रूह कंपा सकती है।
शिव के परिवार में कमाने वाला कोई नहीं था। तीन साल पहले ही पिता की मौत हो चुकी थी। शिव की एक बहन भी थी। मां के लिए दोनों को पढ़ाना मुश्किल हो रहा था। शिवा ने मां की इस मजबूरी को समझा और पढ़ाई छोड़ने का फैसला किया। शिव नहीं चाहता था कि उसके चलते उसकी बहन की पढ़ाई रुके।
घर का खर्च चलना मुश्किल हो रहा था इसलिए शिव ने नौकरी तलाशना भी शुरू कर दिया। शिव अपने परिवार का इकलौता सहारा था। गत शनिवार को शिव अपनी मां को घर से बोल कर निकला कि वह पिज्जा खाने जा रहा है। इसके बाद अगले तीन दिन तक शिव की मां शमा को न तो शिव की शक्ल दिखाई दी और न ही उसका फोन बजा।
रोहिणी-3 में अपने परिवार के साथ रहने वाली शमा अपने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाने पुलिस थाने पहुंची। पुलिस ने जवाब दिया कि 18 साल का लड़का गायब कैसे हो सकता है। कहीं घूमने निकल गया होगा। आ जाएगा, परेशान मत हो। यह कहकर पुलिस ने एफआईआर लिखने से इनकार कर दिया।
(फोटो: शिव और उसकी मां शमा कालरा, साभार: इंडियन एक्सप्रेस)
हत्यारे की मां बेटे के साथ पहुंची थाने
सोमवार रात को एक मां अपने नाबालिग लड़के के साथ पुलिस थाने पहुंची। मां ने बताया कि मेरे बेटे ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर शिव की हत्या कर दी है।
इसके बाद हत्या जो दर्दनाक सच्चाई सामने आई वह दिल दहला देने वाली थी। असल में दिल्ली में पढ़ाई के दौरान ही उसकी दोस्ती कुछ लड़कों से हुई। हत्या आरोपी नाबालिग और उसके दोनों दोस्त भी दिल्ली में ही शिव के दोस्त बने थे। आखिर यह दोस्ती दुश्मनी में क्यों बदल गई।
एक महीने पहले शिव की अपने नाबालिग दोस्त से मार-पीट हुई थी। असल में उसने शिवा का फोन छीन लिया था और उसे देने से इनकार कर रहा था। इसी कहासुनी में दोनों के बीच बात बढ़ी।
इस मार-पीट की शिकायत करने भी शमा पुलिस स्टेशन गईं थी लेकिन, पुलिस ने कोई कार्यवाई करने की बजाय दोनों पक्षो में सुलह करा दिया। असल में शिव को पता चल गया था कि उसके ये दोस्त छोटी-मोटी चोरी करने के आदी हैं। यह बात भी उसने पुलिस को बताई थी। इससे नाराज नाबालिग दोस्त ने उसे थाने में ही जान से मारने की धमकी दी थी।
पेट्रोल छिड़क लगा दी आग
एक हफ्ते पहले इस नाबालिग ने पार्थ और वरून के साथ मिलकर शिव से बदला लेने और उसकी मौत की साजिश रची। उन्होंने एम्यूजमेंट पार्क जाने की योजना बनाई और शिव को भी बुलाया। दो स्कूटर से ये चारों हरियाणा के मुर्थुल की ओर चल दिए।
रास्ते में एक सूनसान जगह पर उन्होंने गाड़ी रोकी और अचानक शिव पर पीछे से वार कर दिया। पहले उसका गला दबाया और फिर पिस्टल से तीन गोलियां भी मारीं। हत्या के बाद दो लोग दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे गए और 85 रुपये का पेट्रोल खरीदा। वापस आ कर उन्होंने शिवा की बॉडी पर पेट्रोल छिड़क उसमें आग लगा दी।
इसके बाद तीनों एक ढाबे पर गए और खाना खाया। इतना ही नहीं उस रात इन तीनों ने दिल्ली के एक बार में जा कर मस्ती भी की। इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस की भूमिका बेहद निराशाजनक रही।
शिव की उसके नाबालिग दोस्त से पहली बार हुई लड़ाई में ही पुलिस ने अगर कड़े कदम उठा लिए होते तो शायद इस दर्दनाक घटना को रोका जा सकता था। क्या आगे भी पुलिस इस घटना से कोई सीख ले पाएगी?