पदभार संभालने से पहले ही रणनीति बनाने में जुटी शीला दीक्षित, 16 को संभाल सकती है कार्यभार
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दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित 16 जनवरी को अपने तीन सहयोगियों सहित कार्यभार संभाल सकती है। उधर पदभार संभालने से पूर्व ही शीला अपने तेवर में नजर आई और तीनों कार्यकारी अध्यक्षों के साथ शुक्रवार को बैठक कर रणनीति बनाने में जुट गई।
श्रीमती शीला दीक्षित को बृहस्पतिवार को ही पार्टी हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष बनाने की घोषणा की थी। इसके अलावा उनके साथ पूर्व विधायक देवेन्द्र यादव, राजेश लिलोठिया व पूर्व मंत्री हारूण यूसुफ को बतौर कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की घोषणा की थी।
शुक्रवार को शीला दीक्षित को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। प्रदेश स्तर के नेता व कार्यकर्ता उनके निवास पर बधाई देने के लिए पूरा दिन पंहुचते रहे। सभी को शीला के नेतृत्व में एक बार फिर कांग्रेस की सत्ता में वापसी नजर आ रही है।
बताया जा रही है वे 16 जनवरी को अपने तीनों साथियों के साथ कार्यभार संभालेगी। इसके अलावा वे उसी दिन मीडिया से भी खुलकर बातचीत करेंगी और अपनी रणनीति से अवगत करवाएंगी।
उधर शुक्रवार की शाम तीनों साथी देवेन्द्र, लिलोठिया व हारूण उनसे मिलने निवास पर गए। हालांकि उन्होंने इसे ओपचारिक मीटिंग बतिया लेकिन शीला ने तीनों के साथ मिलकर भविष्य की रणनीति पर विचार किया ताकि कांग्रेस को आगे बढ़ाया जा सके।
जो अपमान आप पार्टी ने शीला का किया है वो भूली नहीं होंगी
केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने पर उन्हें बधाई दी। इतना ही नहीं गायेल ने साथ ही आम आदमी पार्टी पर तंज कसते हुए उन्हें आगह किया कि जिस प्रकार आप पार्टी ने उन्हें बार-बार अपमानित किया है उसे वह भूली नहीं होंगी।
गोयल ने कहा कि आप पार्टी ने बार-बार कांग्रेस व दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और यहां तक कहा कि वह शीला दीक्षित को जेल पहुंचा कर ही राहत की सांस लेंगे। पिछले चार साल में केजरीवाल सरकार के ऊपर कांग्रेस भी भ्रष्टाचार व नाकामियों के आरोप लगाती रहीं है। दोनों पार्टियों को एक दूसरें पर आरोपों का जवाब जनता को देना होगा।