बहन के बच्चे को नौ महीने पेट में रखा, दिया मां बनने का सुख
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बुलंदशहर निवासी एक महिला ने ममता की मिसाल कायम की है। करीब 12 साल से मां बनने के सुख से वंचित छोटी बहन के दुख को न सिर्फ बड़ी बहन ने समझा, बल्कि उसके बच्चे को अपनी कोख में रखा।
मंगलवार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दोनों बहनें सेक्टर-22 स्थित एडम एंड ईव टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर में बच्चे और परिवार के साथ पहुंचीं। इस मौके पर 22 अन्य दंपति भी टेस्ट ट्यूब बेबी विधि से जन्मे बच्चों के साथ इस सेंटर पर पहुंचे और खुशियां बांटी।
32 साल की रश्मि (बदला नाम) ने बताया कि शादी के कई साल बीत गए, लेकिन उसे बच्चा नहीं हुआ। दिल्ली-एनसीआर में कई डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।
छोटी बहन की खुशी के आगे सारे दर्द कम लगे
सेक्टर-22 के टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर में संपर्क किया, जहां जांच में पता लगा कि गर्भाश्य में परेशानी है। ऐसे में गर्भधारण मुश्किल है। यहां टेस्ट ट्यूब बेबी विधि से मां बनने की जानकारी दी गई। बच्चे को कोख कौन देगा, सबसे बड़ी अब यह समस्या सामने थी।
घर में बात की गई, जिसमें बड़ी बहन रेनू राजी हो गई। उनके पहले से दो बच्चे हैं। नौ माह तक उन्होंने मेरे बच्चे को कोख में रखा। इसी साल 6 जनवरी को उनकी डिलीवरी हुई और उनकी बदौलत मुझे मां बनने का सुख मिला। वहीं, रेनू ने बताया कि उनके पहले दो बच्चे सामान्य डिलीवरी से हुए हैं, लेकिन यह बच्चा ऑपरेशन से हुआ। छोटी बहन की खुशी के आगे सारे दर्द कम लगे।
सेंटर की चिकित्सा निदेशक डॉ. सरिता ने बताया कि रश्मि गर्भवती तो होती थी, लेकिन गर्भाश्य में दिक्कत के कारण गर्भ में ही बच्चा खत्म हो जाता था। टेस्ट ट्यूब बेबी के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। रश्मि अब अपनी कोख से एक बच्चे को जन्म देना चाहती है, जिसके लिए स्टेम सेल तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है।