फरीदाबाद: फर्जी फर्म संचालकों की धरपकड़ के लिए कार्रवाई तेज, 41 कंपनियों की हो चुकी है पहचान
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फर्जी कागजों के आधार पर फर्म बनाकर सरकार से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने की तैयारी कर रही 41 फर्जी कंपनियों का खुलासा पिछले दिनों केंद्रीय जीएसटी आयुक्तालय ने किया था। विभाग ने इनके बैंक खातों को तुरंत प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है। अब इन कंपनियों को संचालित करने वाले निर्यातकों की विभाग ने धरपकड़ शुरू कर दी है। केंद्रीय जीएसटी विभाग की टीमें दिल्ली, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र सहित अनेक राज्यों में छापेमारी कर रही है।
जीएसटी में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए पिछले दिनों एनआईटी चार स्थित केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर आयुक्तालय की ओर से सीमा शुल्क कार्यालय व अन्य जांच एजेंसियों की सूचना पर शहर में विशेष जांच अभियान चलाया गया था। एक माह तक चले जांच अभियान में 71 निर्यातकों की जांच की गई। इसमें बिना सामान खरीद-फरोख्त किए फर्जी बिलों के आधार पर सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाने का खुलासा हुआ। सूचना के आधार पर सीजीएसटी टीम ने शहर में छापेमारी की। निर्यातकों के दस्तावेज की जांच की व्यापक स्तर पर जांच की गई।
विभागीय कार्रवाई में 41 निर्यातकों ने केवल कागजी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये का आईजीएसटी रिफंड पाने के लिए बिना कोई वास्तविक कारोबार किए फर्जीवाड़ा किया। इन निर्यातकों के जीएसटी पोर्टल पर घोषित व्यापार के पते पर भी फर्जी पाए गए। इनमें कुछ निर्यातक ऐसे भी शामिल हैं, जिन्होंने अन्य व्यक्तियों के दस्तावेजों पर कंपनियां खोली हुई थीं। कंपनी खोलने के साथ ही इनका कारोबार शुरुआती महीनों में ही करोड़ों रुपये का पहुंच गया। इसके अतिरिक्त जीएसटी पोर्टल एवं कस्टम कार्यालयों में अलग-अलग बैंक खातों को तुरंत प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया।
फरीदाबाद केंद्रीय जीएसटी आयुक्तालय के संयुक्त आयुक्त क्षितेंद्र वर्मा ने बताया कि जांच में 41 कंपनियां फर्जी पाई गई है। ये निर्यातक इनपुट टैक्स क्रेडिट का रिफंड प्राप्त कर सरकार को करोड़ों रुपये की चपत लगाने की तैयारी में थे। केंद्रीय जीएसटी विभाग की ओर से संचालकों की धरपकड़ जारी है। इसके लिए दूसरे राज्यों के सीजीएसटी विभाग को पत्र लिखा गया है, जिससे की आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो सके।