दिल्ली विधानसभा चुनावः 1972 में पहली बार आरक्षित हुई थीं सात सीटें
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दिल्ली विधानसभा के दूसरे चुनाव 1972 में पहली बार अनुसूचित जाति के लिए सात सीटें आरक्षित की गई थीं। इस चुनाव में 56 विधानसभा क्षेत्रों में 49 सीटें सामान्य और 7 सीटें अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित थी। आरक्षित सीटों में कस्तूरबा नगर, बादली, तुगलकाबाद, बस्ती जुलाहा, रैगरपुरा, देवनगर और आनन्द नगर शामिल थी।
इन सीटों पर 42 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था, जिनमें 41 पुरुष और एक महिला थी। इनमें से 11 उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस ले लिया था। एक नामांकन अस्वीकृत कर दिया गया था। ऐसे में 30 उम्मीदवार ही चुनाव लड़े थे। चुनाव परिणाम में इनमें से 15 उम्मीदवार ही अपनी जमानत बचा सके थे और जो जीते थे वो सभी कांग्रेस के थे।
आरक्षित सीटों पर 271705 मतदाता थे
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सात विधानसभा क्षेत्रों में 271705 मतदाता थे। इनमें से 171950 ने मतदान किया था। विजयी उम्मीदवारों में सी.एल. वाल्मीकि (कस्तूरबानगर), मूलचंद (बादली), प्रेम सिंह (तुगलकाबाद), प्रभुदयाल (बस्ती जुलाहा), सुन्दरवती एन प्रभाकर (रैगरपुरा), मोतीलाल बोकालिया (देवनगर) और कृष्ण स्वरूप (आनन्द नगर)। ये सभी कांग्रेस प्रत्याशी थे।
यही चुनाव था जब दिल्ली भाजपा के दिग्गज नेताओं में गिने जाने वाले विजय कुमार मल्होत्रा और मदनलाल खुराना ने पहली बार अपनी चुनावी उपस्थिति दर्ज करवाई थी। तब भारतीय जनसंघ की ओर से विजय कुमार मल्होत्रा (पटेल नगर), मदनलाल खुराना (पहाड़गंज), श्याम चरण गुप्ता (डिप्टी गंज), दलित कुमार टंडन (दरियागंज) और अनवर अली देहलवी (चावड़ी बाजार) जीते थे। जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से श्रीचन्द (शकूरबस्ती), रामचन्द्र (आर्यपुरा), बी.डी. जोशित (किशन गंज) और इंडियन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (ओ) के सिकन्दर बख्त (मटिया महल) और राजेश शर्मा (कलान मस्जिद) विधायक चुने गए थे।
कांग्रेस से ये बने थे विधायक
कांग्रेस के विजयी उम्मीदवारों में पी.एन. सिंह (सरोजिनी नगर), अर्जुन दास (लक्ष्मीबाई नगर), अशोक चटर्जी (गोल मार्किट), पुष्पादेवी गुप्ता (पृथ्वीराज रोड), ए.एल. रलिया राम (बाराखम्भा), सुरिन्दर सैनी (मिन्टो रोड), जगप्रवेश चन्द्र (जंगपुरा), अर्चना (लाजपत नगर), वी.पी. सिंह (कालकाजी), जगदीश चन्द्र (रामकृष्णपुरम), ब्रजलाल दुआ (दिल्ली छावनी), ठाकुर दास (राजेन्द्र नगर), राजेन्द्र कुमार तंवर (अशोक नगर), मनमोहन सिंह (सुभाष नगर), के. सी. मलिक (मोतीनगर), हीरा सिंह (नरेला), भरत सिंह (नांगलोई), मुकम सिंह (नजफगढ़), मांगेराम (पालम), ब्रजलाल गोस्वामी (गीता कॉलोनी), इन्द्रसिंह आजाद (गांधी नगर), राम नारायण (शाहदरा), हरगेन सिंह (घोंडा), बी.डी. वधवा (विजय नगर), पुरुषोत्तम लाल गोयल (कमला नगर), अमरनाथ मल्होत्रा (तिमारपुर), ओमप्रकाश बहल (कश्मीरी गेट), रमाशंकर (चांदनी चैक), मेहताब चंद जैन (दरीबा), मिर्जा सादिक अली (अजमेरी गेट), सत्य प्रकाश (राम नगर), रोशन लाल (कसाब पुरा), वेदप्रकाश (प्रताप नगर), राधेलाल (शक्ति नगर), इकबाल कृष्ण त्रेहन (सराय रोहिल्ला), बंसीलाल चैहान (मोतिया खान), और आर.पी. मित्तल (तिब्बिया कॉलेज)।
6 राष्ट्रीय दलों ने उतारे थे प्रत्याशी
चुनाव में 6 राष्ट्रीय दलों, एक राज्य दल, एक पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त दल और 104 निर्दलीयों ने भाग लिया था। राष्ट्रीय दलों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 681324 मतों के साथ 44 सीटें, भारतीय जनसंघ को 540069 मतों के साथ 5 सीटें, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को 54183 मतों के साथ 3सीटें, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (ओ) को 27540 मतों के साथ 2 सीटें मिली थीं। जबकि संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी/सोशलिस्ट पार्टी को 4293 मत, स्वतंत्र पार्टी को 1012, राज्य दल रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया को 17010, पंजीकृत (गैर मान्यता प्राप्त) दल अखिल भारत हिन्दू महासभा को 125 मत प्राप्त हुए थे।